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बारिश से लबालब महाराष्ट्र:राज्य के जलाशयों में 50 फीसदी पानी भरा, नागपुर, औरंगाबाद और नासिक मंडल में अभी और बारिश की जरूरत; यहां अब तक हुई 659 मिमी बारिश

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
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पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद महाराष्ट्र के 6 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली थी। - Money Bhaskar
पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद महाराष्ट्र के 6 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली थी।

केंद्रीय जल आयोग, महाराष्ट्र जल संपदा विभाग और बृहन्मुंबई मुंबई महानगर पालिका (BMC) के मुताबिक, गुरुवार शाम तक महाराष्ट्र में 28 फीसदी अधिक बारिश होने की वजह से राज्य के 141 बड़े, 258 मीडियम और 2,868 छोटे जलाशयों में कुल मिलाकर इस 50.02 फीसदी उपयुक्त पानी का स्टॉक है। जबकि अभी अगस्त और सितंबर महीने की बारिश होना बाकी है।

महाराष्ट्र में सभी प्रकार के 3,267 जलाशयों में इस वक्त 20,398.57 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी है। इन जलाशयों की उपयुक्त पानी स्टॉक क्षमता 40,779.22 मिलियन क्यूबिक मीटर है। राज्य के लिए राहत की बात यह है कि पिछले साल जुलाई महीने के आखिर तक इन जलाशयों में सिर्फ 40.96 फीसदी उपयुक्त पानी स्टॉक था। परंतु इस बार 50.02 फीसदी पानी है।

रत्नागिरी के चिपलून में पिछले सप्ताह बस स्टैंड ही पानी में डूब गया था।
रत्नागिरी के चिपलून में पिछले सप्ताह बस स्टैंड ही पानी में डूब गया था।

इन बांधों की निगरानी करता है केंद्रीय जल आयोग

गौरतलब है कि केंद्रीय जल आयोग, जयकवाड़ी, कोयना, भीमा (उजनी), इसापूर (नांदेड), मुला डैम (अहमदनगर), येलदरी डैम ( परभणी), गिरणा डैम ( चाळीसगाव-नासिक), खड़कवासला, अपर वैतरणा (नासिक), अपर तापी, पेंच ( तोतलाडोह), अपर वर्धा (अमरावती), भातसा (शाहपुर-ठाणे), धोम डैम ( कृष्णा नदी पर बना), दूधगंगा डैम ( कोल्हापुर), माणिकडोह डैम (जुन्नर-पुणे), भंडारदरा (अहमदनगर), उरमोडी (सातारा) भाटघर डैम ( पुणे), नीरा देवघर, ठोकरवाडी डैम (पुणे), कण्हेर डैम ( सातारा), मुळशी डैम ( पुणे), सूर्या डैम ( पालघर) और तिलारी ( सिंधुदुर्ग) महाराष्ट्र के इन 25 जलाशयों की निगरानी करता है।

पिछले साल 8.10 और इस साल 11.11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी

इन जलाशयों में पिछले साल इस दिन तक कुल उपयुक्त पानी स्टॉक का 8.10 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी था, परंतु इस साल 64 फीसदी अधिक यानी 11.11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी है। ध्यान रहे कि महाराष्ट्र के इन 25 बड़े जलाशयों में पिछले 10 वर्षों में औसत कम से कम 7.45 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी रहा है।

भारी बारिश के कारण मुंबई में कई दिनों तक सड़कें पानी में डूबी रहीं।
भारी बारिश के कारण मुंबई में कई दिनों तक सड़कें पानी में डूबी रहीं।

नागपुर विभाग में अभी और बारिश की जरूरत

महाराष्ट्र के छह राजस्व विभागों में से नागपुर विभाग में अभी और बारिश की जरूरत है। क्योंकि नागपुर विभाग के जलाशयों में इस वक्त 37.59 फीसदी ही पानी है, जबकि पिछले साल 50.14 फीसदी पानी था। औरंगाबाद विभाग और नासिक विभाग के लिए भी थोड़ी चिंता की बात है क्योंकि नासिक विभाग के जलाशयों में 35.29 फीसदी पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले साल 36.76 फीसदी पानी था।

इसी तरह औरंगाबाद विभाग में पिछले साल 38.14 फीसदी पानी था,जबकि इस वक्त 34.43 फीसदी ही पानी है। इन तीन विभागों को थोड़ कर महाराष्ट्र के सभी राजस्व विभागों के जलाशयों में इस वक्त पिछले साल की तुलना में अधिक पानी है। कोंकण विभाग में इस वक्त 58.54 फीसदी जबकि पिछले साल 57.61 फीसदी पानी था। पुणे विभाग में 66.08 फीसदी पानी है जबकि पिछले साल 35.46 फीसदी था। अमरावती विभाग में 46.72 फीसदी पानी है जबकि पिछले साल 45.34 फीसदी था।

महाराष्ट्र में अब तक हुई 659 मिमी बारिश

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में 29 जुलाई तक कुल 659.4 मिमी बारिश हुई है। पिछले साल इस कालावधि तक 516.7 मिमी बारिश हुई थी। मध्य महाराष्ट्र के 10 जिलों में अब तक 29 फीसदी अधिक यानी 491.2 मिमी बारिश हुई है। पिछले साल 381.9 मिमी बारिश हुई थी। मराठवाड़ा के 8 जिलों में 39 फीसदी अधिक बारिश अब तक हुई है। पिछले साल 303.7 मिमी बारिश हुई थी जबकि इस साल अब तक 423.5 मिमी बारिश हुई है। विदर्भ के 11 जिलों को मिलाकर इस मानसून में अब तक सिर्फ 6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। पिछले साल अब तक 457.6 मिमी बारिश हुई थी जबकि इस साल अभी तक 483.3 मिमी बारिश हुई है।

सतारा में मगरमच्छ पानी में डूबी सड़कों पर घूमते हुए नजर आये।
सतारा में मगरमच्छ पानी में डूबी सड़कों पर घूमते हुए नजर आये।

महाराष्ट्र के इन जिलों में अब तक अनुमान से कम हुई बारिश

महाराष्ट्र के धुले जिले में 21 फीसदी, जलगांव में 10 फीसदी, नंदुरबार में 43 फीसदी, अकोला में 2 फीसदी, अमरावती में 5 फीसदी, बुलढाणा में 10 फीसदी, गढ़चिरौली में 7 फीसदी और गोंदिया में अनुमान से 14 फीसदी कम बारिश अब तक रिकार्ड हुई है।

मुंबई के 6 जलाशयों में 73.86% प्रतिशत पानी भरा

मुंबई को छह जलाशयों से पानी आपूर्ति होती है। इन कुल उपयुक्त जल सप्लाई क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है। शुक्रवार की सुबह तक कुल उपयुक्त जल आपूर्ति क्षमता का 73.86% ( 10.69 लाख मिलियन लीटर) पानी छहो जलाशयों में भरा था। पिछले साल इस कालावधि में 34.11% (4.94 लाख मिलियन लीटर) और वर्ष 2019 में 82.51% (11.94 लाख मिलियन लीटर) पानी इन जलाशयों में था।

बारिश की सबसे ज्यादा तबाही कोल्हापुर, रत्नागिरी और रायगढ़ में देखने को मिली।
बारिश की सबसे ज्यादा तबाही कोल्हापुर, रत्नागिरी और रायगढ़ में देखने को मिली।

गौरतलब है कि मुंबई मनपा के ताजे अपडेट के अनुसार शुक्रवार की सुबह तक अपर वैतरणा में उपयुक्‍त जल आपूर्ति का 52.84% (1.20 लाख मिलियन लीटर), मोडक सागर में 100% (1.29 लाख मिलियन लीटर), तानसा में 99.10% (1.44 लाख मिलियन लीटर), मध्यम वैतरणा में 73.41% ( 1.42 लाख मिलियन लीटर), भातसा में 69.52% (4.99 लाख मिलियन लीटर), विहार में 100% (27,698 मिलियन लीटर) और तुलसी में 100% (8,046 मिलियन लीटर) पानी भरा हुआ था। जुलाई महीने के आखिर तक ही छह जलाशयों में से तीन के लबालब भर जाने से इस कैलेंडर वर्ष में मुंबई वासियों को पानी कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।