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महाराष्ट्र में बाढ़ से भारी तबाही:1700 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान, वेस्टर्न महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा- 6 जिलों में 8 हजार व्यापारी बर्बाद हो गए

मुंबई3 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
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मदद व पुनवर्सन विभाग ने CM को बताया कि 22 जुलाई को हुई भारी बारिश व भूस्खलन की घटना की वजह से 10 जिले बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। - Money Bhaskar
मदद व पुनवर्सन विभाग ने CM को बताया कि 22 जुलाई को हुई भारी बारिश व भूस्खलन की घटना की वजह से 10 जिले बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित छह जिलों में 1700 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। इस प्रकार का दावा करते हुए वेस्टर्न महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (वेसमॅक) ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के करीब 8 हजार छोटे, मध्यम और बड़े व्यापारी बर्बाद हो गए हैं। वेसमॅक के अध्यक्ष ललित गांधी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित व्यापारियों को नुकसान भरपाई देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर व्यापारियों ने अपनी दुकान और प्रतिष्ठानों का बिमा भी नहीं निकाला था। जिसकी वजह से पंचनाम का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। वेसमॅक ने फौरी मदद के रूप में छोटे व्यापारियों को दो लाख रुपए और मध्य व बड़े व्यापारियों को 5 लाख रुपए की मदद दी जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त जिन व्यापारियों का बिमा नहीं है। उन्हें उनके कुल नुकसान का 50 फीसदी रकम नुकसान भऱपाई के रूप में दिया जाना चाहिए।

800 पुल अब भी पानी में डुबे हुए हैं, 469 रास्तों पर यातायात बंद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को वर्षा बंगले पर एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फौरन बिजली आपूर्ति और पानी सप्लाय शुरू करने का निर्देश दिया। इसी मीटिंग में उपस्थित लोक निर्माण विभाग से सचिव उल्हास देबडवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 290 रास्ते मरम्मत करने की जरूरत है। 469 रास्तों पर यातायात बंद है। जबकि 800 पुल पानी में डूबे हुए हैं। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव दिनेश वाघमारे ने बताया कि 14,737 ट्रांसफॉर्मर्स भारी बारिश की वजह से खराब हो गए। कड़ी मेहनत कर इसमें से 9,500 की मरम्मत कर दी गई है। इसी प्रकार जिन 67 उपकेंद्रों को नुकसान पहुंचा था। उसमें से 44 फिर से शुरू हो गए हैं। वाघमारे ने बताया कि 9.49 लाख बाढ़ प्रभावित ग्राहकों बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

मृतकों की संख्या बढ़कर 164 हुई मदद व पुनवर्सन विभाग ने बताया कि 22 जुलाई को हुई भारी बारिश व भूस्खलन की घटना की वजह से 10 जिले बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 164 लोगों की मौत हुई है। हालांकि जून से अब तक राज्य में मूसलाधार बारिश की वजह से घटी घटनाओं में करीब 251 लोगों की जान गई है। एनडीआरएफ, नेवी, कोस्ट गार्ड सहित अन्य राहव व बचाव कार्य में लगी एजेंसियों ने 2.30 लाख लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब भी 100 लोगों के लापता होने की खबर है।