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भास्कर पड़ताल:शंख नदी पर तीन कराेड़ की लागत से बना पुल 2010 में बह गया था,12 साल बाद भी नहीं हो सका निर्माण

सिमडेगा2 महीने पहलेलेखक: शहजादा प्रिंस
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सोगड़ा कोचेडेगा स्थित शंख नदी पर बहा पुल। - Money Bhaskar
सोगड़ा कोचेडेगा स्थित शंख नदी पर बहा पुल।

जिले में नदी के ऊपर में बने तीन पुल कुछ वर्षाें पूर्व तेज बारिश में बह गए थे। लेकिन विभाग के द्वारा आज तक मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे सरकारी राशि बर्बाद ताे हुई लेकिन वहीं पुल नहीं बनने से लाेगाें काे परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। कराेड़ाें रुपए की लागत से बनने वाले पुल कुछ ही वर्षाें में बह जाने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। बाेलबा प्रखंड के लेटाबेड़ा-रेंगारिह काे जाेड़ने वाला शंख नदी में तीन कराेड़ की लागत से बने पुल वर्ष 2010 में ही बह गए थे। पुल बहने के 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत या पुर्ननिर्माण नहीं कराई गई।

वहीं इस पुल के बहने के एक वर्ष बाद ही वर्ष 2011 में आई तेज बारिश में साेगड़ा-काेचेडेगा पथ में बने पुल का एक स्पेन पुल बह गया था। कोचेडेगा और सोगड़ा गांव के बीच स्थित शंख नदी में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल विभाग के द्वारा लगभग ढाई करोड़ की लागत से पुल निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन तेज बारिश में निर्माणाधीन पुल का एक स्पेन ध्वस्त हो गया और पुल निर्माण कार्य अधर में लटक गया।

वहीं बीरू-तामड़ा पथ पर चार कराेड़ की लागत से शंख नदी पर बने पुल ध्वस्त हाे गया था। पुल का निर्माण भी विशेष प्रमंडल विभाग के द्वारा कराया गया था। कराेड़ाें रुपए की लागत से बनने वाले इन पुलाें के बह जाने के बाद ना ही इसकी मरम्मत हुई और ना ही इसका पुनर्निर्माण कराया गया। जिससे सरकारी लापरवाही का खामियाजा आम लाेगाें काे भुगतना पड़ रहा है। सात वर्ष पूर्व बोलबा प्रखंड के कुकुरडुबा पुल के बहे हुए भी वर्षों गुजर गए। इसके अलावा प्रखंड के पीडि़यापाेंछ के कुकुरडुबा पुल भी वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रहा है।

पुल के अभाव में बरसात के माैसम में लाेगाें काे हाेती है परेशानी

जिले से कई नदी-नाले गुजरते हैं। लेकिन इन नदियों के किनारे बसे दर्जनों गांवों को जोड़ने के लिए यहां पुल-पुलिया का अभाव है। जिसके कारण बरसात के दिनों में कई गांव टापू बन जाते हैं। नदी में पानी के तेज बहाव के बावजूद दूसरे छोर स्थित गांवों में जाना यहां के ग्रामीणों की विवशता रहती है। नतीजतन यहां के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं।

नदी पार करने के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण अब तक कई लोग पानी में भी बह गए हैं और उनकी जान तक जा चुकी है। पिछले वर्ष जलडेगा से गुजरी देवनदी में भी एक ग्रामीण बह गया था, जिसकी लाश चार दिनों के बाद मिली थी। इसी तरह बोलबा के बेलधोवा नदी में विराज एक्का नामक एक ग्रामीण बह गया था। कोनबेगी स्थित पोढ़ाटोली और पिथरा के बीच में स्थित शंख नदी में भी एक ग्रामीण नदी पार करने के दौरान बह गया था। इसका भी शव तीसरे दिन बरामद किया गया था। हालांकि यहां पुल निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे ग्रामीण मायूस हैं।

पुल नहीं रहने से 12 किमी अधिक चलने को लोग विवश
जलडेगा प्रखंड के पहाड़टोली गांव में स्थित नदी पर भी पुल नहीं है। बारिश के दिनों में पहाड़ों से उतरने वाली पानी के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे बच्चे हो या बूढ़े सभी ग्रामीणों को अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करने को विवश होते हैं। ग्रामीण बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल जाने के लिए करीब 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यह रास्ता पगडंडी और पहाड़ों से होकर गुजरती है।जिससे जंगली जानवरों का भय बना रहता है।

पुल नहीं रहने के कारण बरसात आते ही ओडि़शा से कट जाता है संपर्क

बोलबा प्रखंड के कुंदरमुंडा से टकबहाल होते हुए ओडि़शा सीमा मुख्य पथ स्थित दाहनाला में बहा पु‍ल नहीं बन सका। जिस कारण लोगों का आवागमन ठप हो गया है। पुल के बह जाने के कारण लोग अतिरिक्त दूरी तय करने को विवश हैं। ग्रामीण दशरथ,बिलास ने बताया कि लगभग 25 लाख की लागत से बने पुल के बह जाने से कई गांव बरसात के दिनों में टापू बन जाते हैं।

ईई ने कहा- पुल बहने के मामले में नहीं है ज्यादा आइडिया
विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता महेश कुमार ने कहा कि इस मामले में उन्हें बहुत ज्यादा आइडिया नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में रिकवरी की कार्रवाई और दाेषी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है या नहीं वे विभाग से पता करके बता सकते हैं। ईई ने कहा कि जिन स्थानों पर पुल की आवश्यकता है वहां पुल निर्माण के लिए सरकार काे प्रस्ताव भेजेंगे।

तुलसी साहू ने कहा- दाेषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेे सरकार

भाजपा नेता तुलसी साहू ने कहा कि पुल बहने से सरकारी राशि की बर्बादी हुई है। उन्होंने कहा कि पुल के बहने से लाेगाें काे परेशानी हाे रही है। सरकार काे चाहिए कि बहे पुल पुलियाें की मरम्मत कराए ताकि लाेगाें काे परेशानी ना हाे। साहू ने कहा कि विभाग इस मामले में आंख मूंदे है। सरकार पैसाें की रिकवरी कर दाेषी पर कार्रवाई करें।

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