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नई सुविधा:अब नगर निगम में भी करा सकते हैं विवाह का निबंधन

रांचीएक महीने पहले
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झारखंड अनिवार्य विवाह अधिनियम-2017 की नियमावली आने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के अलावा शहरी क्षेत्र में नगर निगम, नगर निकाय व नगर पंचायत में भी विवाह का निबंधन हो सकता है। अधिसूचित ऑफिस में जन्म और मृत्यु का निबंधन करने वाले अधिकारी शादी का निबंधन करेंगे। यह व्यवस्था लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई है।

रजिस्ट्री कार्यालय को विवाह निबंधन से मुक्त नहीं किया गया है। हालांकि, कोर्ट मैरेज कराने का अधिकार रजिस्ट्री ऑफिस को ही है। नियम के अनुसार, आवेदन मिलने के 30 दिनों के बाद अवर निबंधक कोर्ट मैरेज की अनुमति देते हैं।

इस दौरान लड़का व लड़की की तस्वीर ऑफिस की सूचना पट पर लगाई जाती है, ताकि किसी को आपत्ति हो तो इसकी जानकारी अवर निबंधक को दे सकते हैं। कोर्ट मैरेज के लिए 12 रुपए 50 पैसा शुल्क लगता है, जबकि शादी के बाद निबंधन के लिए दो माह तक पांच सौ रुपए और दो माह के बाद 750 रुपए का शुल्क लगता है।

जिला अवर निबंधक वैभव मणि त्रिपाठी ने कहा कि झारखंड में विशेष विवाह, हिंदू, आनंद विवाह एक्ट के तहत विवाह के निबंधन होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त 2017 में झारखंड अनिवार्य विवाह अधिनियम लागू किया गया, जिसके तहत झारखंड में रहने वाले सभी नागरिकों को अपने विवाह का निबंधन कराना आवश्यक किया गया।

आमलोगों की सुविधा के लिए कुछ अन्य पदाधिकारी को विवाह का निबंधन करने का अधिकार दिया गया। आवेदक की इच्छा पर है कि वे कहां अपने विवाह का निबंधन कराना चाहते हैं। सरकार ने रजिस्ट्री ऑफिस को इस कार्य से मुक्त नहीं किया है। अवर निबंधक ने कहा कि विवाह का निबंधन प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से भी हो सकता है।

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