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भास्कर खास:सीओ, डीएमओ, डीएफओ, लीजधारकों और प्रभावित ग्रामीणों को 15 दिनों के अंदर समिति के सामने रांची में प्रस्तुत होने का था निर्देश, पर

मेदिनीनगरएक महीने पहले
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जांच करती विधानसभा की टीम। - Money Bhaskar
जांच करती विधानसभा की टीम।

विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति ने विधानसभा में छतरपुर विधायक पुष्पा देवी द्वारा अवैध पत्थर खनन के सवाल पर छतरपुर/ नौडीहा बाजार प्रखंड में पत्थर खनन स्थल निरीक्षण 21 जुलाई 2021 को किया था। समिति ने पाया था कि लीज में निर्धारित रकबा से अधिक में पत्थराें का खनन हो रहा है।

एक-दो स्थान पर गैर-मजरुआ जमीन और ग्रामीणों की जमीन का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने भी समिति को विरोध करने पर लीजधारक द्वारा धमकी दिए जाने की बात कही थी, लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि इतने दिन बाद भी सरकार या जिला प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। विधायक पुष्पा देवी भी चुप हो गईं।

समिति ने मुनकेरी माइंस, छतरपुर का निरीक्षण किया। समिति को बताया गया कि माइंस का लीजधारक चंद्रभूषण सिंह उर्फ सोनू सिंह है, जिसका रकबा 16 एकड़ 52 डिसमिल है। लीजधारक द्वारा करीब 100 फुट नीचे से पत्थर को निकाला जाता है लेकिन उस पर फेंसिंग नहीं कराई गई है। खदान के अंदर जाने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं होने से मजदूरों की जान भी जा सकती है।

100 ईंट नीचे से निकाला गया है पत्थर, पर खदान की फेंसिंग नहीं कराई, मजदूरों की जान को भी खतरा

समिति ने सुखनदिया माइंस, छतरपुर का निरीक्षण किया। समिति को बताया गया कि इस माइंस का लीजधारक महादेवा कंस्ट्रक्शन है, जिसका रकबा 11 एकड़ 50 डिसमिल है। लीजधारक द्वारा करीब 100 फुट नीचे से पत्थर को निकाला जाता है लेकिन उसकी फेंसिंग नहीं कराई गई है।

माइंस में सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया गया है और ना ही पेड़-पौधा को लगाया गया है। मुख्य सड़क से माइंस तक जाने वाली सड़क का मेंटनेंस लीजधारक द्वारा नहीं किया गया है।

गैर मजरुआ जमीन पर किया गया था खनन का कार्य
समिति नौडीहा बाजार के मधेया माइंस निरीक्षण के लिए पहुंची। माइंस जाने का रास्ता काफी खराब था। लीजधारक रामाशीष सिंह था, जिसका रकबा 12 एकड़ है। गैर-मजरुआ जमीन में खनन किया गया है।

ग्रामीणों ने लीजधारक के द्वारा उनकी जमीन का जबरन उपयोग किए जाने, विरोध करने पर धमकी दिए जाने और उसकी शिकायत किए जाने पर कोई कार्रवाई नहीं होने की बात समिति को बताई। समिति ने सीओ को स्थल पर उपस्थित नहीं हाेने पर नाराजगी जताई।

समिति के सभापति घाटशिला विधायक रामदास सोरेन, सदस्य कांके विधायक समरी लाल, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, खरसांवा विधायक दशरथ गगराई के साथ-साथ छतरपुर विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार, एसडीपीओ अजय कुमारआदि मौजूद थे।

सीओ और डीएफओ को कहा था-रिपोर्ट लेकर रांची आएं

विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति ने पत्थर खनन के लीज का सीमांकन कराने, लीज क्षेत्र के बाहर खनन करने, फॉरेस्ट क्लीयरेंस और पॉल्यूशन क्लीयरेंस का रिपोर्ट के साथ सीओ, डीएमओ, डीएफओ, लीजधारकों, प्रभावित ग्रामीणों को 15 दिनों के अंदर समिति के समक्ष रांची में प्रस्तुत होने का निर्देश दिया था। उसके बाद क्या हुआ यह पलामू की जनता जानना चाहती है।

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