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विश्व आदिवासी दिवस:इंद्रजीत ने कहा- पुरानी परंपराओं व प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

कुडू2 महीने पहले
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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सोमवार को अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बीएड व डीएलएड के प्रशिक्षुओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज सचिव इंद्रजीत भारती ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं पन्ना ग्रुप ने हाय से हमर छोटा नागपुर, टेरेसा अनुपा ग्रुप ने झूमर नृत्य, ऋतु ग्रुप के द्वारा आया सावन झूम के गीत पर नृत्य प्रस्तुत की। वही प्रशिक्षुओं ने आदिवासी वेशभूषा में आदिवासी संस्कृति को दर्शाया।

कॉलेज सचिव ने कहा कि आदिवासी सदैव प्राचीन समय से संस्कृति, परंपराओं एवं प्रकृति के संरक्षक रहे है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की एकजुटता और समाज के विकास के लिए आदिवासी समाज के भीतर विद्यमान नशापान, अंधविश्वास, ईर्ष्या द्वेष, राजनीतिक कुपोषण और प्राचीन वंश- परंपरागत आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने की त्वरित जरूरत है।

वहीं उन्होंने मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे के साथ मनाने की बात कही। कॉलेज विभागाध्यक्ष डा प्रतिमा त्रिपाठी ने कहा कि आदिवासी समाज अनेक परम्पराओं को संजोए हुए है। इनकी संस्कृति और परंपराएं अनूठी है। मौके पर मृणाल शाहा, नेहा कुमारी, रेणुका महतो, कुंदन गिद्ध, पवन कुमार, आफताब आलम, शिव, ममता, पंकज भारती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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