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पाटन में गुरुकुल स्कूल का संचालन:कठौतिया कोल माइंस क्षेत्र के 7 गांवों के बच्चों की शिक्षा का केंद्र बना गुरुकुल स्कूल

लाेहरदगा2 महीने पहले
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गुरुकुल नहीं होता तो मेरे तीनों बच्चों की स्कूली शिक्षा प्रभावित होती। गुरुकुल में मेरे तीन बच्चे पढ़ रहे हैं और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित हो रहे हैं। यह कहना है पलामू के पड़वा के सखुई गांव निवासी अश्विनी कुमारी गुप्ता का। आदित्य बिड़ला समूह की हिंडाल्को को पलामू के कठौतिया में कोल खदान आवंटित है। कठौतिया के खनन क्षेत्र के पूरे 7 गांवों में स्कूली शिक्षा के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। खनन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कजरी, कठौतिया, बटसारा, सिक्का, सखोई, पाल्हेखुर्द और गड़ीखास के बच्चों के लिए पाटन गुरुकुल स्कूल में 25 प्रतिशत रियायती दर पर शिक्षा की व्यवस्था है।

बेहद मामूली शिक्षा व बस शुल्क भुगतान पर बच्चों के लिए सीबीएसई पाठ्यक्रम से अंग्रेजी माध्यम में नर्सरी से कक्षा 10वीं तक पढ़ाया जा रहा है। गुरुकुल स्कूल की प्राचार्या सीमा श्रीवास्तव बताती हैं कि 8वीं कक्षा के बाद से बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब आसपास के 7 गांव के बच्चों की नर्सरी से 10वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी हो रही है। स्कूल में 331 बच्चे हैं, इनमें से 195 बच्चे कठौतिया कोल माइंस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 7 गांवों के हैं।

स्कूल में कुल 15 शिक्षक हैं। हिंडाल्को सीएसआर के माध्यम से स्कूल को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसका उपयोग स्कूल द्वारा शिक्षकों के वेतन आदि पर किया जाता है। कठौतिया माइनिंग क्षेत्र के वैसे बच्चे जिनके एकल अभिभावक हैं, उनकी शिक्षा का प्रबंध हिंडाल्को करती है। फिलहाल पड़वा गांव निवासी शोभंती देवी के तीन बच्चे हैं। एनपीएस शिवाला टोला के सचिव सह प्रधानाध्यापक तवकल महतो बताते हैं कि इस स्कूल में कक्षा एक से पांच तक के 114 बच्चे पढ़ रहे हैं। स्कूल के स्थानांतरण के समय कुल बच्चों की संख्या 102 थी जो अब 114 है।

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