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भास्कर एक्सक्लूसिव:2000 क्विंटल धान बीज चाहिए, कृषि विभाग के पास है केवल 526 क्विंटल

लातेहार2 महीने पहलेलेखक: पंकज प्रसाद
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धान बीज लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए खड़े किसान। - Money Bhaskar
धान बीज लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए खड़े किसान।

राज्य सरकार व जिला प्रशासन किसानों को हर सुविधा देने की बात तो करती है, लेकिन किसानों को उसका लाभ नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि किसानों की आय में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। किसानों के लिए जून व जुलाई के पहला सप्ताह धान का बिचड़ा लगाने का अच्छा समय माना जाता है। लेकिन किसानों को कृषि विभाग द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान में मिलने वाली धान का बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

जिसका सबसे बड़ा कारण जिला कृषि विभाग व सहकारिता विभाग है। दोनों विभागों में तालमेल की कमी है। जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। सहकारिता विभाग द्वारा जिले के सभी लैंपस प्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर धान बीज खरीदारी के लिए ड्रॉप लगवाना है, लेकिन विभाग द्वारा इस पर रुचि नहीं ली जाती है।

जिस कारण लैंपस प्रतिनिधि अपने मनमानी करते हुए धान बीज खरीदारी के लिए ड्राफ्ट नहीं लगाते हैं। जिस कारण धान उपलब्ध नहीं हो पाती है। इधर कृषि विभाग अगर सहकारिता विभाग के साथ समन्वय बनाकर धान बीज मंगाने पर जोर देती। तो किसानों को समय पर धान बीज उपलब्ध हो पाएगी।

लातेहार में 30 हजार हेक्टेयर में हाेती है धान की खेती, बीज नहीं मिले तो उत्पादन में हो सकती है कमी

कृषि विभाग के मुताबिक जिले में कुल 30000 हेक्टेयर में धान की खेती की जाती है। उसके लिए प्रति हेक्टेयर 15 किलो हाइब्रिड धान की बीज जरूरत होती है। उस मुताबिक जिले में 2000 क्विंटल धान बीज की जरूरत होती है, लेकिन कृषि विभाग के पास मात्र 526 क्विंटल धान बीज उपलब्ध है। जो मात्र 26 प्रतिशत है। यही कारण है कि जिले के सभी किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान में धान का बीज नहीं मिल पाता है। किसानों को समय से धान बीज नहीं मिलने की वजह से किसान कृषि विभाग के बाहर शुक्रवार को हंगामा भी किया गया था।

20 लैंपस में 7 के पास ही बीज उपलब्ध वो भी बेचने में नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
जिले में कुल 20 लैंपस संचालित है,लेकिन सात लैंपस के पास ही धान का बीज उपलब्ध है। शेष 13 लैंपस के पास धान बीज उपलब्ध नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लैंपस प्रतिनिधियों के द्वारा धान बीज के लिए ड्राफ्ट नहीं लगाया गया है। जिले में कई ऐसे लैंपस प्रतिनिधि है, जो सिर्फ धान खरीदारी के समय एक्टिव रहते हैं। धान खरीदारी में लैंपस प्रतिनिधियों को अच्छी कमाई हो जाती है।

यही कारण है कि लैंपस प्रतिनिधि उस पर ज्यादा रुचि दिखाते हैं। जिले में 7 लैंपस समेत दो एनएससी द्वारा अनुज्ञप्तिधारी सरकारी दुकान में धान का बीज उपलब्ध है। चंदवा, लाधूप, मोंगर,छिपादोहर, बरवाडीह, गारू,जालिम कैंपस में कुल 400 क्विंटल आईआर-64 धान बीज उपलब्ध है।

'हमारा दो जगह प्रभार है, इसलिए थोड़ी परेशानी है। सभी लैंपस प्रतिनिधियों को धान बीज खरीदारी के लिए ड्राफ्ट लगाने के लिए कहा गया है।'
-जगमनी, प्रभारी सहकारिता पदाधिकारी, लातेहार

'किसानों को धान बीज लेने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही धान बीज उपलब्ध हो पाएगा।'
-रामा शंकर प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, लातेहार

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