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अंचल अधिकारी से प्रतिवेदन की मांग:रजिस्ट्रेशन व खाता नंबर बदलकर दाखिल खारिज के मामले में मांगी सफाई

कोडरमा2 महीने पहले
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झुमरीतिलैया के गोमो मौजा अंतर्गत गैरमजरूआ भूमि के निबंधन एवं दाखिल खारिज के अलावा रसीद निर्गत करने पर लगाई गई रोक के बावजूद गैरमजरूआ 220 खाते के कई डिसमिल जमीन का खाता नंबर बदलकर उसे रैयती दिखाते हुए निबंधन एवं दाखिल खारिज कर दिया गया है। इस संबंध में उपायुक्त द्वारा पूर्व में अंचल अधिकारी से प्रतिवेदन की मांग की गई थी। जिसे अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।

इस मामले में उपायुक्त ने अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की है। इस बाबत उपायुक्त आदित्य रंजन की ओर से अंचलाधिकारी को निर्गत किए गए आदेश में कहा गया है कि गोमो मौजा अंतर्गत 220 खाते की भूमि को अवैध तरीके से रैयती खाता दिखाते हुए क्रय विक्रय कर दिया गया है। साथ ही ऑनलाइन दाखिल खारिज को लेकर प्राप्त आवेदनों पर हल्का राजस्व उपनिरीक्षक एवं अंचल निरीक्षक द्वारा भूमि को रैयती खाता होने संबंधित प्रतिवेदन एवं अनुशंसा पर अंचल अधिकारी द्वारा दाखिल खारिज स्वीकृत कर दिया गया है।

गलत अनुशंसा करने वाले कर्मियों को चिन्हित कर प्रतिवेदन देने का निर्देश

इसे लेकर उपायुक्त ने अंचलाधिकारी से वैसे दोषी कर्मियों को चिन्हित कर प्रतिवेदन मांगी गई है। ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने सामने आए मामलों को देखते हुए अंचलाधिकारी को इस प्रकार के कई अन्य मामले होने की संभावना जताते हुए विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन एवं दोषी कर्मियों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा है।

जमीन के निबंधन को लेकर विभाग के कर्मियों पर भी कार्रवाई के निर्देश

उपायुक्त की ओर से जारी किए गए आदेश में गैरमजरूआ भूमि का केवल खाता बदलकर रैयती दिखाकर इसकी बिक्री किए जाने के मामले में भी निबंधन पदाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त ने कहा है कि ऐसे जमीन का केवल खाता नंबर बदला गया है जबकि प्लॉट नंबर गैरमजरूआ खाते का ही है। गैरमजरूआ भूमि की जांच उपरांत रजिस्ट्री की जाती है। आखिर किस परिस्थिति में गैरमजरूआ भूमि का निबंधन किया गया जबकि निबंधन अंचल अधिकारी से प्राप्त भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र के आधार पर की जाती है।

उन्होंने निबंधन पदाधिकारी से इस मामले में संबंधित जमीन के निबंधन से संबंधित विक्रय अभिलेख से मिलान करने एवं इस मामले में अंचलाधिकारी से प्राप्त भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने एवं निबंधन कार्यालय के दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें चिन्हित करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही भविष्य में चिन्हित निबंधनों का दोबारा से निबंधन नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

अंचलाधिकारी से फाॅर्म में मांगी गई है रिपोर्ट

उपायुक्त ने गैरमजरूआ जमीन के क्रय विक्रय के मामले में चिन्हित खाता एवं प्लॉट की भूमि का दाखिल खारिज एवं लगान रसीद निर्गत नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसे जमीनों के किए गए दाखिल खारिज को चिन्हित करते हुए प्रपत्र में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है। उल्लेखनीय हो कि गैरमजरूआ जमीन की जमाबंदी एवं क्रय विक्रय पर रोक को लेकर जिला प्रशासन की ओर से 29 सितंबर 2011 में रोक लगा दी गई थी।

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