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बैंक जालसाजी का आरोप:कभी कार्टून बनाने में माहिर अधेड़ करने लगा फर्जीवाड़ा

चित्तरंजन2 महीने पहले
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बैंक जालसाजी के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़े मनोरंजन नाइक रोज सुबह बैंक की कतार में लगने के लिए जाते थे, जैसे लोग काम पर जाते हैं। वह इस काम में इतना कुशल हो गया कि सामने कतार में खड़े किसी भी व्यक्ति का नाम, खाता क्रमांक और हस्ताक्षर उसे याद हाे जाता था। वह तुरंत कतार से निकल निकासी पर्ची में ठीक-ठीक विवरण भर कर बैंक से पैसे निकाल लेता। पुलिस को पता चला है कि मनोरंजन बचपन से चित्र और कार्टून बनाने में कुशल था। हस्ताक्षर बनाने के काम में ड्राइंग के उस कौशल का उपयोग करना शुरू कर दिया।

शुरुआत में कई बैंकों में इस तरह से लाखों रुपये निकालने में सक्षम होने के बाद लत पैदा हो गई। दूसरे खातों से पैसे निकालना एक पेशे के रूप में अख्तियार कर लिया। आमतौर पर सभी खाते चेकिंग सुविधा से जुड़े होते हैं, इसलिए निकासी पर्ची के जरिए पैसा निकालना मुश्किल होता है। लेकिन वह अनुरोध करता था कि परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के पूछताछ में आए चाैकाने वाले तथ्य

पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। इस बार वह चालाकी से बच नहीं सका। ज्यादातर मामलों में वह बहुत ही चतुराई के साथ तुरंत बैंक की कतार में खड़े हो जाता था। फिर वह लाइन में खड़े होकर अन्य ग्राहकों की जानकारी एकत्र करता था। अदालतों में भी वकील उनकी ओर से कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए दृढ़ थे।

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