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राजस्व कर्मियों की हड़ताल का असर:जिले में एक लाख 3,456 छात्र-छात्राओं का बनना है जाति प्रमाण पत्र, अब तक मात्र 10 हजार का ही बना

जामताड़ा2 महीने पहले
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मांग करते हड़ताली कर्मी। - Money Bhaskar
मांग करते हड़ताली कर्मी।

अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने से छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र निर्माण कार्य बाधित हुई है। जामताड़ा जिला में 1 लाख 03 हजार 456 छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र बनाने का लक्ष्य इस लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 10 हजार छात्र छात्राओं का ही जाति प्रमाण पत्र बन पाया है। बताएं कि जिला प्रशासन ने वर्ग 1 से 12 विद्यालय के छात्र छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए विद्यालयों में विशेष कैंप का आयोजित किया गया था। जिसमें की अंचलाधिकारी शिक्षकों को जाति आवासीय बनाने के लिए प्रक्रिया से अवगत कराया गया। वहीं शत-प्रतिशत जाति आवासीय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बताएं कि विद्यालयों में योजना का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

छात्रवृत्ति एवं प्रखंड कल्याण विभाग के महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने के लिए समय पर जाति प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा नहीं करने के स्थिति से छात्र-छात्राओं को लाभ से वंचित किया जाता है। जहां एक और सरकार द्वारा छात्र छात्राओं को योजना का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाण-पत्र किया अनिवार्यता करती है वहीं राजस्व कर्मचारी के हड़ताल पर चले जाने से सरकार की कल्याणकारी योजना पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिसे छात्र-छात्राओं में मायूसी देखा जा रहा है।

राजस्व कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं इनकी मांगे सरकार कब तक पूरा करेगी यह भी निश्चित नहीं है। वहीं राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अडिग है जिस कारण से विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था जल्द से जल्द किए जाने की मांग की है ताकि उनके बच्चों को सरकार की योजना का लाभ मिल सके।वहीं 16 सितंबर को राजस्व कर्मचारी संघ की हड़ताल पर चले जाने से अंचल कार्यालय का कार्य ठप हो गया है। जिसमें की जाति, आवासीय, पीएम किसान, सुखाड़ राहत, ऑनलाइन नामांकन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन नामांकन रजिस्ट्रेशन कार्य रुक गए हैं। वहीं पीएम किसान योजना, फसल राहत योजना, सुखाड़ से निपटने के लिए सुखाड़ राहत योजना भी पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से कई महत्वपूर्ण योजना का क्षति हुई है।

राजस्व कर्मचारी गए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
गोविंद दास, शिबूलाल हेंब्रम, युगल रविदास ने बताया कि 11 सूत्री मांगों को लेकर जामताड़ा के राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांग लंबित पड़ा है मांग में राजस्व उप निरीक्षकों का ग्रेड पे 2400 रुपये दिए जाने, 3 वर्ष उपरांत ग्रेड पे 2800 किए जाने, अंचल निरीक्षकों की सीधी बहाली पर रोक लगाते हुए 50% वादों पर वरीयता एवं 50% पदों पर सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर प्रोन्नति दिए जाने, प्रोन्नति हेतु राजस्व निरीक्षकों का कार्यवधि 5 वर्ष रखे जाने, राजस्व प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किए जाने, सभी राजस्व ने उप निरीक्षकों को लैपटॉप व नेट खर्च किए जाने, अल्का इकाई का पुनर्गठन किया जाने, सभी राजस्व उप निरीक्षकों को त्वरित कार्य संपादन हेतु दो पहिया वाहन का ईंधन खर्च उपलब्ध कराए जाने, राजस्व उप निरीक्षकों को क्षेत्र भ्रमण के दौरान सुरक्षा मुहैया किए जाने के अलावे राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों में अविलंब बहाली किए जाने सहित अन्य मांग शामिल है।

सीओ ने कहा- राजस्व संघ के हड़ताल से कार्य प्रभावित
"जिले के सभी राजस्व कर्मी के हड़ताल पर चले जाने के निर्णय से प्रभावित हुआ है। 16 सितंबर से सभी राजस्व निरीक्षक हड़ताल पर है। जिस कारण दाखिल खारिज, ऑनलाइन नामांकन, जाति-प्रमाण, पत्र पीएम किसान, सुखाड़ राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र एक लाख लक्ष्य है। जिसमें जिला काफी पीछे है। उपलब्धि 10 प्रतिशत है।"
-मनोज कुमार, अंचलाधिकारी, जामताड़ा

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