पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

हादसा:अस्पताल में व्यवस्था सही रहती तो युवक की बच सकती थी जान, ग्रामीणों ने जाम की सड़क, स्वास्थ्य केंद्र पुलिस छावनी में हुआ तब्दील

मुरलीपहाड़ी / नारायणपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

अगर समय पर बच्चों का इलाज किया जाता तो बच सकती थी बच्चे की जान, डॉक्टर लापरवाह: ग्रामीण नारायणपुर थाना क्षेत्र के भैयाडीह गांव के दो किशोर की मौत वज्रपात के चपेट में आने से हो गई। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने अस्पताल में किया तोड़फोड़ एवं चिकित्सा प्रभारी डॉ एसके गुप्ता के साथ की मारपीट। बुधवार हल्की बारिश हो रही थी। इस घटना के संबंध में बताया गया है कि प्रत्येक दिन की तरह दोनों युवक मंटू मंडल पिता हीरालाल मंडल(17) एवं नितेश मंडल पिता दिलीप मंडल (16) ट्यूशन पढ़ने श्यामपुर जा रहे थे।

इस दौरान अचानक बिजली कड़की और दोनों युवक वज्रपात की चपेट आ गया। घटना के बाद दोनों युवकों को सीएचसी नारायणपुर ले जाया गया। जहाँ उन दोनों की गम्भीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि इलाज के लिए रेफर कर दिए जाने के कारण धनबाद जाने के क्रम में ही उन दोनों युवकों कि मौत हो गई। दोनों 12 वीं के छात्र थे एवं उच्च विद्यालय नारायणपुर में पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान हृदयविदारक घटना घट गई। घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घटना के बाद आक्रोशित लोग स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा करने लगे इस दौरान चिकित्सा प्रभारी के साथ मारपीट किया गया जिसमें वे घायल हो गए।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हाई वे को जाम
वही इस घटना के बाद लोगो में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों ने बताया कि नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र में कोई भी बेहतर हॉस्पिटल नहीं है जहां अत्याधुनिक सुविधा मौजूद है जिस वजह से एक्सीडेंट की घटना हो या कोई बीमार हो तो लोगों को रेफर कर दिया जाता है। जिस कारण सैकड़ों लोग बाहर रेफर होने की वजह से अपनी जान गवां बैठे है। ऐसी ही लापरवाही के चलते इस स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के अभाव में मासूमों की जान चली जाती हैं। घटना के बाद सीएचसी नारायणपुर में लोग जुटने लगे।

ग्रामीणों ने की मारपीट चिकित्सा पदाधिकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एस के गुप्ता ने ग्रामीणों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वे अपने केबिन में थे इसी दौरान कुछ लोगों ने उनपर हमला बोल दिया। टेबुल पर लगे हुए कांच को तोड़ डाला एवं कुर्सी पटक कर सर को फोड़ दिया है जिससे उनके सर पर सात टांके लगे है।

लोगों को समझाने में पुलिस करती रही मशक्कत
समाचार लिखे जाने तक नारायणपुर के स्वास्थ्य केंद्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गई थी। ग्रामीणों को अंदर आने से रोकने में पुलिस लगी रही। पुलिस इंस्पेक्टर मनोज कुमार एवं थाना प्रभारी अभय कुमार नारायणपुर के स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में डटे हुए रहे।

मृतक के आश्रितों को मिलेगा मुआवजा: बीडीओ
बीडीओ प्रभाकर मिर्धा ने बताया कि मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख मुआवजा आपदा राहत कोष से दिया जाएगा। मौके पर उन्होंने आक्रोशित परिजनों एवं लोगों से वार्ता कर लोगों को शांत कराया। कहा कि पीड़ित परिवार के साथ प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।

खबरें और भी हैं...