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आदिवासी एकता परिषद का आंदोलन:नूपुर शर्मा के बयान का विरोध रांची-गुमला रोड दो घंटे जाम

गुमला2 महीने पहले
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सड़क पर प्रदर्शन करते लोग। - Money Bhaskar
सड़क पर प्रदर्शन करते लोग।

विगत दिनों भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा के द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर आहूत भारत बंद के दौरान बामसेफ,बहुजन क्रांति मोर्चा व आदिवासी एकता परिषद के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्र सरकार व नूपुर शर्मा के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए शहर से सटे करमडीपा के पास रांची-गुमला मुख्य मार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया।

इस दौरान जमाकर्ता संजय उरांव ने कहा कि एक साजिश के तहत देश की एकता व अखंडता को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। लोग विवादास्पद बयान देकर देश को जलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके द्वारा कई ऐसे मुद्दों को उठाया जाता है जो देश हित में नहीं है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई किये जाने की जरूरत है। संजय उरांव ने कहा कि इस देश की एकता व अखंडता बनी रहे, इसके लिए यहां धार्मिक ध्रुवीकरण पर अब पूर्णविराम लगना चाहिए। यहां निवास करने वाले एसटी, एससी, ओबीसी व माइनॉरिटी के लोग एक हैं।

सभी का डीएनए एक समान है। यही मूलनिवासी की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित बयान देकर देश के अंदर तनाव उत्पन्न करने का काम किया गया है। कई हिस्सों में माहौल तनावपूर्ण हुआ भी। इसके लिए सीधे तौर पर नूपुर शर्मा जवाबदेह हैं। उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।

रोड जाम होने से छात्रों और मरीजों को अधिक परेशानी

इधर बामसेफ, बहुजन क्रांति मोर्चा व आदिवासी एकता परिषद के नेताओं द्वारा अचानक सड़क पर उतरकर मार्ग अवरुद्ध कर दिए जाने से छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। गुमला से रांची व रांची से गुमला की ओर आने-जाने वाले कई यात्री वाहनों के पहिए थम गए। हालांकि इस दौरान कुछ चालकों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देकर दूसरे मार्गों का सहारा लेते हुए बसों का परिचालन अपने गंतव्य स्थल तक जारी रखा। जबकि मालवाहक ट्रक फंसे रहे। इधर जाम के कारण सुबह सुबह 7 बजे स्कूल जाने वाले कई विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें स्कूल पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।

वहीं जाम के कारण अस्पताल की ओर आने वाले कई मरीज के परिजनों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।साप्ताहिक हाट आने वाले किसान भी हलकान रहे। वे दूसरे रास्ते से बाजारों तक पहुंचे।करीब दो घंटे बाद प्रशासनिक पहल के बाद जाम हटा लिया गया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद थे।

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