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देखिए सरकार! गरीबों के घरों में अंधेरा है:ब्लैक में ‌150 रुपए ली. बिक रहा केरोसिन, पेट्रोल से भी महंगा

धनबाद4 महीने पहलेलेखक: केके सुनील
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ये न्यू इस्लामपुर पांडरपाला में रहने वाले बीपीएल कार्डधारी मो. नसीम की बेटियां हैं। हर शाम मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई करने को विवश है, क्योंकि 3 माह से केराेसिन नहीं मिला है। - Money Bhaskar
ये न्यू इस्लामपुर पांडरपाला में रहने वाले बीपीएल कार्डधारी मो. नसीम की बेटियां हैं। हर शाम मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई करने को विवश है, क्योंकि 3 माह से केराेसिन नहीं मिला है।

गरीबाें की पहुंच से उनके लिए बेहद उपयाेगी केराेसिन भी दूर हाे गया है। पिछले महीने जुलाई में काेटा रेट (सरकारी दर) में 97 रुपए लीटर केराेसिन तेल मिल रहा था, हालांकि इस महीने से राज्य सरकार ने काेटा रेट में 13 रुपए दाम घटाया है। यानी अब जनवितरण प्रणाली की दुकानाें में 84 रुपए प्रति लीटर केराेसिन मिल रहा है। राशनकार्ड धारकों को केरोसिन पर सब्सिडी भी खत्म कर दी गई है। वहीं इसके बावजूद गरीबाें की परेशानी समाप्त नहीं हुई है। पीडीएस दुकानदार से मात्र 600 मिली लीटर ही केराेसिन मिल रहा है, वह भी आरजू-मिन्नत के बाद। .

डीलर एसाेसिएशन ने बताई केरोसिन की कहानी
केराेसिन पर भी 5% एक्साइज ड्यूटी, 3 महीने से उठाव ठप | फेडरेशन अाॅफ केराेसिन डीलर एसाेसिएशन झारखंड के सचिव जीतेंद्र जैन ने बताया कि महंगा होने के कारण तीन महीने से डिपाे से पीडीएस डीलर केराेसिन का उठाव नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार केराेसिन पर 5% एक्साइज ड्यूटी ले रही है, जबकि दाेपहिया वाहन मालिकों को हर माह प्रति लीटर 25 रुपए सब्सिडी दे रही है।

कागज व प्लास्टिक से चूल्हा जलाने की मजबूरी |
कागज, गाेइठा व लकड़ी से काेयला का चूल्हा जलाना पड़ता है। डिबरी, लालटेन जलाने पर भी आहै।''-काशी महताे, मंझलाडीह, टुंडी

क्याें और किस कारण से पीडीएस दुकानदार केराेसिन तेल का उठाव नहीं कर रहे हैं, इसकी विभागीय स्तर पर जांच कराई जाएगी। जांच रिपाेर्ट के आधार पर राज्य सरकार काे इससे अवगत कराया जाएगा।''- मुमताज अली, प्रभारी एडीएम सप्लाई सह डीएसओ

गरीबों पर पड़ रही केरोसिन की मार, चूल्हा जलाने पर भी आफत

  • 4.83 लाख गरीब परिवार हैं राशनकार्डधारी
  • 4.43 लाख परिवार के पास लाल कार्ड
  • 40 हजार परिवार हैं ग्रीन राशनकार्डधारी

​​​​​​​पहले प्रति राशन कार्ड 5 लीटर, अब आधा लीटर पर भी संकट

  • 5 लीटर मिलता था वर्ष 2014 में प्रति राशनकार्ड
  • 4.5 लीटर हुआ 2016-17 में प्रति राशनकार्ड
  • 2.5 लीटर हुआ 2018 में प्रति राशन कार्ड
  • 1.5 लीटर हुआ 2019 में प्रति राशनकार्ड
  • 1 लीटर तक दिया गया 2021 में प्रति राशनकार्ड
  • 600 एमएल 2022 रह गया प्रति राशनकार्ड
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