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राजस्व विभाग ने बरती सख्ती:आक्यूपेंसी व कंप्लीकेशन सर्टिफिकेट के बिना मकान-फ्लैट का नहीं होगा निबंधन

जमशेदपुर2 महीने पहले
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निबंधन, भूमि सुधार व राजस्व विभाग इस प्रावधान को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। - Money Bhaskar
निबंधन, भूमि सुधार व राजस्व विभाग इस प्रावधान को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है।

जमशेदपुर में आक्यूपेंसी और कंप्लीशन प्रमाण पत्र के बिना फ्लैट, डुप्लेक्स और मकान की खरीद बिक्री का निबंधन नहीं होगा। जमशेदपुर के तीन नगर निकाय, जमशेदपुर अक्षेस, मानगो नगर निगम व जुगसलाई नगर परिषद के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिना इन सर्टिफिकेट के निबंधन नहीं हो सकेगा। निबंधन, भूमि सुधार व राजस्व विभाग इस प्रावधान को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है।

अब तक अपार्टमेंट व डुप्लेक्स का निर्माण कराने वाले रियल स्टेट कारोबारी भी आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेने के लिए किसी भी स्तर पर प्रयास नहीं करते हैं। झारखंड में रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवेलपमेंट) एक्ट 2016 (रेरा) लागू है। इसके तहत जब तक आक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा, तब तक निबंधन की प्रक्रिया शुरू हीं नहीं की जाएगी। इस कानून का राज्य के 43 अवर निबंधन कार्यालय अनुपालन नहीं कर रहे हैं।

  • आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट- ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट स्थानीय प्राधिकरणों (नगर निकायों) द्वारा जारी किया जाता है। यह प्रमाणित करता है कि बिल्डिंग रहने लायक है और उसे स्थानीय कानूनों और मंजूर किए गए प्लान के तहत ही बनाया गया है।
  • कंप्लीशन सर्टिफिकेट- कंप्लीशन सर्टिफिकेट नगर निकाय या फिर मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट जारी करते हैं। इससे यह पता चलता है कि फ्लैट, मकान आदि तय किए गए मानकों और बिल्डिंग प्लान के मुताबिक बनाया गया है।

करीब 5 हजार फ्लैट व मकान होंगे प्रभावित

शहर और उसके आस-पास 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट चल रहे जिसके तहत लगभग 5 हजार फ्लैट व मकान का निर्माण चल रहा है। राजस्व व भूमि सुधार निबंधन विभाग की ओर से कड़ा रुख अख्तियार किए जाने के बाद इन अपार्टमेंट व डुप्लेक्स का निर्माण कराने वाले रियल स्टेट कारोबारी व खरीददार को अतिरिक्त कागजात का जुगाड़ करना होगा। जमशेदपुर के तीनों नगर निकाय में आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेने के लिए एक भी व्यक्ति ने आवेदन नहीं दिया है।

नगर निकायों से रियल स्टेट कारोबारी खरीददार को अपना फ्लैट और डुप्लेक्स की बिक्री कर देते हैं। रजिस्ट्री ऑफिस में रजिस्ट्री भी कराया लिया जाता था, लेकिन झारखंड सरकार का नया नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब ऐसा करना संभव नहीं होगा। निबंधन, भूमि सुधार व राजस्व विभाग के रेरा के प्रावधान को सख्ती से लागू करने के बाद ऐसा करना संभव नहीं होगा।

बहुत कम लोगों के पास हैं यह सर्टिफिकेट

"2007 के बाद बिल्डिंग बायलाज बनाने की कवायद सरकार के स्तर पर शुरू की गई। इसके बाद 2012 बिल्डिंग बायलाज झारखंड सरकार ने लागू किया। आक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट वाला प्रावधान 2020 में लागू किया गया है। शहर में महज 3 प्रतिशत प्रोजेक्ट को ही आक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिला है। झारखंड सरकार 2020 से पहले बने अपार्टमेंट -सोसाइटी को इस कानून से अलग रखे अन्यथा फ्लैट व डुप्लेक्स के निबंधन में परेशानी आएगी।"

-शिबू बर्मन, अध्यक्ष, बिल्डर एसोसिएशन

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