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मेरा देश मेरे लिए योजनाएं:इलाज में हॉस्पिटल से चूक, ताे ले सकते हैं मुआवजा, दाेषियाें पर हाेगी कार्रवाई

जमशेदपुर2 महीने पहले
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डॉक्टरों द्वारा मरीज के इलाज में लापरवाही किए जाने पर मरीज की मृत्यु हो जाती है। इस लापरवाही को मरीज आपराधिक और दीवानी के साथ-साथ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उचित प्लेटफार्म पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस बारे में हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक आनंद ने बताया कि डॉक्टर की लापरवाही से किसी मरीज की मृत्यु हो जाने या अंग भंग हो जाने पर संबंधित मरीज अथवा उसके परिजन, संबंधित डॉक्टर, अस्पताल और हेल्थ सेंटर या नर्सिंग होम के खिलाफ भादवि की धारा 304ए, 337 और 338 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करा सकते हैं।

अदालत में उसकी लापरवाही की पुष्टि कराकर उसे 6 माह से 2 साल तक की सजा दिलवा सकते हैं। इसके अलावा मरीज या उसके परिजन डॉक्टर तथा संबंधित नर्सिंग होम के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। मरीज या उसके परिजन भारतीय चिकित्सा परिषद के पास भी शिकायत कर सकते हैं।

यह साबित करना होगा कि डॉक्टर ने विलंब से जांच शुरू की

उपरोक्त तीनों प्लेटफार्म के समक्ष मरीज व उनके परिजन को यह साबित करना होगा कि संबंधित मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर के पास प्रोफेशनल स्किल था या नहीं। यह भी साबित करना होगा कि डॉक्टर ने विलंब से जांच शुरू की या ऑपरेशन करते समय उसके द्वारा गलत स्टेप लिया गया या गलत जगह ऑपरेशन कर दिया गया, जिस वजह से मरीज की जान चली गई।

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