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मनमानी:सीएस ने कहा मेडिकल नियमों का पालन नहीं करने वाले क्लिनिक पर की जाएगी कार्रवाई

मझिआंव3 महीने पहले
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जिला उपायुक्त व सिविल सर्जन द्वारा स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि जो क्लिनिक सह नर्सिंग होम संचालक सह झोलाछाप चिकित्सक के द्वारा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का अनुपालन नहीं किया गया तो वैसे झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध करवाई हेतु छापामारी जारी रहेगी। उक्त बातें प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश भास्कर एवं स्वास्थ्य प्रभारी डॉक्टर गोविंद प्रसाद सेठ ने कही है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मझिआंव सुंडी पुर रोड स्थित मुख्य सड़क के बगल में पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से संचालित हड्डी क्लीनिक के तथाकथित चिकित्सक के द्वारा विभाग के अधिकारियों के आंख में धूल झोंक कर झोलाछाप हड्डी स्पेशलिस्ट डॉक्टर के द्वारा चलाने का सिलसिला जारी है।

लगातार प्राप्त शिकायत के आलोक में जिला उपायुक्त एवं सिविल सर्जन के द्वारा इसे गंभीरता से लिया गया और जांच टीम गठित कर छापामारी अभियान चलाया गया। जांच अभियान 2 सितंबर 2022 को प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश भास्कर एवं सीएचसी स्वास्थ्य प्रभारी डॉ गोविंद प्रसाद सेठ के द्वारा संयुक्त छापामारी अभियान चलाया गया। गौरतलब हो कि छापामारी अभियान का असर कुछ हड्डी झोलाछाप डॉक्टर पर नहीं पड़ा।

छापामारी की भनक लगते ही हड्डी जोड़, नस रोग, जनरल फिजिशियन एवं शिशु रोग के स्पेशलिस्ट फर्जी तरीके से कहे जाने वाले झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा दिखावे को लेकर अपना क्लीनिक का शटर तो बंद कर दिया गया। लेकिन अभी भी विभिन्न रोगों के स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले झोलाछाप डॉक्टर अपने कारनामे से बाज नहीं आ रहे हैं। और अपने घर सहित अन्यत्र स्थान पर घूम घूम कर हड्डी जोडऩे से लेकर सभी तरह के रोगियों का रोगी का इलाज करते फिर रहे हैं। सच कहा जाए तो प्रशासनिक अधिकारियों का निर्देश का खुल्लमखुल्ला इन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। और सरकार के द्वारा जारी की गई नियमावली की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

इधर जानकार लोगों का कहना है कि इन फर्जी चिकित्सकों के द्वारा हड्डी फ्रैक्चर मरीजों को अपने दलालों के माध्यम से कमीशन के बल पर भोले भाले एवं प्रशिक्षित ग्रामीणों को अपने चंगुल में फंसा लिया जाता है। और मरीजों को ठीक करने का हवाला देते हुए मनचाहे रुपए ऐठ कर जैसे तैसे प्लास्टर चढ़ा देने के बाद पेन किलर की दवा दी जाती है। इधर प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि इन झोलाछाप हड्डी स्पेशलिस्ट कहे जाने वाला चिकित्सक के द्वारा मरीज की समस्या के बारे में सही जानकारी नहीं रहता है।

और हड्डी को सपोर्ट देते हुए जैसे तैसे प्लास्टर चढ़ा दिया जाता है। इधर इस संबंध में सिविल सर्जन अनिल कुमार सिंह ने बताया कि झोलाछाप चिकित्सकों को चिन्हित किया जा रहा है। वैसे डॉक्टरों के विरुद्ध क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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