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सिरमौर के हाटी समुदाय को ट्राइबल का दर्जा:मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी; चुनाव से पहले गिरीपार क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात

शिमला3 महीने पहले
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केंद्रीय कैबिनेट ने सिरमौर जिला के हाटी समुदाय को ट्राइबल का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। इससे सिरमौर की 154 ग्राम पंचायतों की लगभग तीन लाख की आबादी लाभान्वित होगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में पत्रकार वार्ता में कहा कि सिरमौर के हाटी समुदाय की ये मांग 60 साल पुरानी है।

केंद्रीय कैबिनेट द्वारा हाटी को जनजातीय का दर्जा देने की मंजूरी के बाद प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर को लड्‌डू खिलाते हुए हाटी समुदाय के लोग।
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा हाटी को जनजातीय का दर्जा देने की मंजूरी के बाद प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर को लड्‌डू खिलाते हुए हाटी समुदाय के लोग।

उत्तराखंड के जोनसार और हिमाचल के सिरमौर के सटे क्षेत्रों को देखें तो दोनों की बोली, पहनावा, परंपराएं, रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज एक जैसा है। टौंस नदी के उस पार जोनसार समुदाय को ST का दर्जा है और इस पार हाटी समुदाय जनजातीय दर्जे के लिए लगभग 60 वर्षों से संघर्ष कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने "संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक 2022" नामक एक विधेयक को संविधान में कुछ संशोधन (अनुसूचित जनजाति आदेश, 1950) करने के लिए संसद में पेश किए जाने की मंजूरी ​​​​​​​दे दी है, ताकि हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची को संशोधित किया जा सके। संसद में संशोधन के बाद केंद्र सरकार इसे अधिसूचित करेगी।

हाटी समुदाय में खुशी की लहर

ट्राइबल का स्टेटस मिलने से बाद शिमला से लेकर सिरमौर तक जश्न का माहौल है। हाटी समुदाय के लोगों ने शिमला में लड्‌डू बांटकर खुशी को जाहिर किया। हाटी की लड़ाई लड़ने वाले मंच के प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा ने केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

शिमला में हाटी समुदाय के लोग।
शिमला में हाटी समुदाय के लोग।

गिरीपार के लोगों ने लड़ी लंबी लड़ाई

गिरीपार क्षेत्र के लोगों ने ट्राइबल स्टेटस के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। आखिरकार मोदी सरकार ने बुधवार को जनजातीय का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। अब केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित करते ही क्षेत्र के लोगों को एसटी का लाभ मिलना शुरू होगा और सरकारी क्षेत्र में नौकरी इत्यादि में गिरीपार क्षेत्र के लोगों को आरक्षण मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने जताया PM का आभार

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सिरमौर जिला के ट्रांस गिरी क्षेत्र के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार और विशेष तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के लोगों की समृद्ध संस्कृति और परम्पराओं के संवर्द्धन और क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केन्द्रीय नेतृत्व ने हाटी समुदाय के इस भावनात्मक मुद्दे में विशेष रूचि व्यक्त की थी।

हाटी समुदाय की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी: नड्डा

​​​​​​​भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। ​​​​​​​उन्होंने कहा कि सिरमौर ज़िले के हाटी समुदाय द्वारा उन्हें अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित करने की वर्षों पुरानी मांग थी। 1967 में ही उत्तराखंड के जौनसार बावर क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित कर दिया गया था लेकिन उससे सटे हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लोगों को इसका लाभ नहीं मिला। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने कैबिनेट बैठक में कई अन्य निर्णयों के अलावा हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया है।

भाजपा सरकार के प्रयासों से मिला दर्जा: कश्यप

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि ट्रांस​​​​​​​गिरी क्षेत्र में रहने वाला हाटी समुदाय पांच दशक से अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांग रहा था। प्रदेश सरकार ने मई 2005 में इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन तब यूपीए सरकार ने इसे खारिज कर दिया। 2011 में प्रेम कुमार धूमल सरकार ने हाटी समुदाय को फिर से जनजातीय का दर्जा देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा। मौजूदा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मसले को बार बार केंद्र से उठाया। उन्हीं के प्रयास से आज हाटी को जनजातीय का दर्जा देने को मंजूरी मिल गई है।

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