पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • HRTC Drivers Will Go On Strike On May 30, Wheels Of 4000 Buses Will Stop, Union Took The Decision After The Demands Were Not Accepted,

PM मोदी के दौरे से पहले चक्का जाम:हिमाचल में थमेंगे 4000 बसों के पहिए; वित्तीय लाभ न मिलने पर HRTC ड्राइवर यूनियन का ऐलान

शिमलाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गेट मीटिंग के आखिरी दिन शिमला में प्रदर्शन करते हुए HRTC ड्राइवर यूनियन। - Money Bhaskar
गेट मीटिंग के आखिरी दिन शिमला में प्रदर्शन करते हुए HRTC ड्राइवर यूनियन।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को शिमला आ रहे हैं। PM के दौरे से एक दिन पहले राज्य में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) ड्राइवर कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इसका असर PM मोदी की रिज पर प्रस्तावित रैली पर पड़ सकता है, क्योंकि BJP मोदी की रैली में 50 हजार लोग इकट्‌ठा करने का दाव कर रही है। ऐसे में यदि HRTC की 4000 बसें नहीं चलेंगी तो क्या इतने लोग रैली में शिमला पहुंच पाएंगे?

HRTC ड्राइवर राज्य सरकार और प्रबंधन के रवैये से नाखुश है। ड्राइवर यूनियन ने 29 मई की रात 12 बजे से 30 मई की रात 12 बजे तक HRTC की कोई भी बस नहीं चलाने का ऐलान किया है। शिमला में गेट मीटिंग के आठवें दिन आज ड्राइवर यूनियन ने यह ऐलान किया है।

यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने बताया कि यूनियन ने 25 अप्रैल को ही HRTC प्रबंधन को मांगें पूरी करने के लिए 12 मई तक का अल्टीमेटम दे रखा था, लेकिन HRTC प्रबंधन ने मांगें मानना तो दूर अब तक वार्ता के लिए भी नहीं बुलाया है।

शिमला में गेट मीटिंग के दौरान प्रदर्शन करते हुए HRTC ड्राइवर यूनियन
शिमला में गेट मीटिंग के दौरान प्रदर्शन करते हुए HRTC ड्राइवर यूनियन

12 से 19 मई तक गेट मीटिंग कर जताया विरोध

मान सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रबंधन के नकारात्मक रवैये को देखते हुए यूनियन को मजबूरन 12 से 19 मई तक गेट मीटिंग कर विरोध जताया है। कल से HRTC ड्राइवर यूनियन अपने सभी चालकों से 30 मई की हड़ताल सफल बनाने का आवाहन करेंगे। 30 मई तक मांगें नहीं मानी गईं तो HRTC की सभी बसें खड़ी कर दी जाएंगी।

आम जन को झेलनी पड़ेगी परेशानी

जाहिर है कि HRTC चालकों की हड़ताल से प्रदेशभर में आम आदमी को आवाजाही में कठिनाइयां झेलनी पड़ेंगी, क्योंकि प्रदेश में आवाजाही का एकमात्र साधन सड़कें ही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा कठिनाइयां

होगी।

शिमला में HRTC प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ड्राइवर
शिमला में HRTC प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ड्राइवर

HRTC कर्मियों की मुख्य मांगें

HRTC कर्मचारी राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर छठे वेतनमान के लाभ की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार अपने लगभग सभी कर्मचारियों को छठे वेतनमान के लाभ दे चुकी है, लेकिन HRTC कर्मचारियों को अब तक इसके लाभ नहीं दिए गए।

इसी तरह HRTC कर्मचारी 36 महीनों के लंबित पड़े ओवर टाइम के भुगतान, DA का 2006 से लंबित पड़े एरियर के भुगतान और वरिष्ठ चालकों के पद सृजित करने की मांग कर रहे हैं। वरिष्ठ चालकों के पद सृजन की मांग को HRTC की BOD पहले ही मंजूरी दे चुकी है।

समर्थन में आया पेंशन कल्याण संघ

HRTC पेंशन कल्याण संघ भी ड्राइवर यूनियन के समर्थन में सड़कों पर उतरेगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्त प्रकाश शर्मा ने बताया कि पेंशन कल्याण संघ ड्राइवर यूनियन की हड़ताल का समर्थन करता है।