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चंद्रनाहन झील सूखने की कगार पर:ग्लेशियर के पिघलने की वजह से पानी की कमी; नदी के आसपास नहीं रही बर्फ

शिमला3 महीने पहले
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चंद्रनाहन झील में पानी की कमी से सुखी नदी।

हिमाचल प्रदेश में मौसम में आ रहे बदलाव का असर ग्लेशियरों पर भी पड़ने लगा है। शिमला की पब्बर नदी उद्गम स्थल की चंद्रनाहन झील सूखने की कगार पर आ गई है। इस साल ग्लेशियर जल्दी पिघल गए हैं। झील के आसपास बर्फ नहीं दिखाई दे रही है।

चंद्रनाहन झील पर रिसर्च करने वाले और कोटशेरा कॉलेज के टूरिज्म डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ निखिल सारटा ने बताया कि पिछले 9 साल की रिसर्च के आधार पर इस बार चंद्रनाहन झील के साथ लगता ग्लेशियर जल्दी पिघल गया है। झील में पानी भी कम हाे गया है। वर्ष 2013 से वह इस पर रिसर्च कर रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि झील के आसपास बर्फ नहीं दिख रही है। झील के पास बड़ा ग्लेशियर और खूब पानी था, वहीं आज वहां थोड़ा सा पानी और सिर्फ रेत है।

अधिकतर लोग इस झील को चंद्रनाहन की आखिरी झील मानते है, लेकिन इस झील से ऊपर 4 और छोटी झीलें हैं, जिसे हमारे दल ने 2013 में खोजा था। ग्लेशियर पिघलने के पीछे का कारण ग्लोबल वार्मिंग व पर्यटकों का ज्यादा पहुंचना है। इस तरह ग्लेशियर पिघलने का सबसे बड़ा खतरा पीने के पानी का हाे सकता है। पब्बर नदी से 19 उठाऊ पेयजल योजनाओं के तहत घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। पानी की कमी से लाेग खेती भी नहीं कर पाएंगें।

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