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करसोग को सुखविंदर सरकार से मिला दर्द:एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट का कुल्लू किया ट्रांसफर, अप्रैल तक अल्ट्रासाउंड की 3 हजार वेटिंग

करसोग2 महीने पहले
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करसोग सिविल अस्पताल।

हिमाचल में नव निर्वाचित सुखविंदर सुक्खू सरकार ने करसोग की जनता को दर्द दिया हैं। यहां सिविल अस्पताल में तैनात एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट का कुल्लू तबादला कर दिया है। इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। हैरानी की बात है कि सिविल अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में एक दिन सिविल अस्पताल जंजेहली में भी डेपुटेशन पर अपनी सेवाएं दे रहा है।

वहीं सिविल अस्पताल करसोग में अल्ट्रासाउंड के लिए पहले ही अप्रैल तक की करीब 3 हजार की वेटिंग चल रही है। इसके अतिरिक्त सिविल अस्पताल में रोजाना जांच के लिए आने वाले मरीजों में से 40 से 50 लोगों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है। इस तरह से सरकार के इस तुगलकी फरमान से उप मंडल के दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाली गरीब जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

मंडी जिला में 3 ही रेडियोलॉजिस्ट
जिला मंडी में रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी चल रही है। जिला में कुल 18 सिविल अस्पताल है। जिसमें 100 या इससे अधिक बिस्तर वाले सिविल अस्पतालों की संख्या 7 है। जिला के तहत करसोग, मंडी व सरकाघाट में ही 3 रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं।

इसमें में भी करसोग से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला कुल्लू के लिए किया गया है। ऐसे में अब जिला में केवल 2 ही रेडियोलॉजिस्ट बचे हैं। वहीं मंडी जिला की आबादी 11 लाख के करीब है। जो सिर्फ 2 रेडियोलॉजिस्ट के सहारे हैं।

मंडी और शिमला जाना पड़ेगा अल्ट्रासाउंड करवाने
करसोग सिविल अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होने से क्षेत्र की गरीब जनता को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए शिमला या फिर मंडी के चक्कर काटने पड़ेंगे। सिविल अस्पताल में मरीजों के फ्री में अल्ट्रासाउंड होते हैं, वहीं अब लोगों में प्राइवेट लैब में 1 हजार रुपए शुल्क चुका कर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा। करसोग में शिमला की दूरी करीब 100 किलोमीटर हैं, वहीं मंडी करीब 110 किलोमीटर दूर है। ऐसे में लोगों को शिमला या मंडी जाने के लिए टैक्सियों का किराया अलग से चुकाना पड़ेगा। यही लोगों का कीमती समय अलग से बर्बाद होगा।

तबादला नहीं रोका गया तो होगा आंदोलन
रजनीश ठाकुर का कहना है कि करसोग सिविल अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट की ट्रांसफर से गरीब जनता की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। यहां प्राइवेट में भी अल्ट्रासाउंड की कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने आदेश वापस नहीं लिए तो मजबूरन जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।

धर्मा देवी का कहना है कि सिविल अस्पताल में अब अल्ट्रासाउंड नहीं हो थे हैं। यहां मुफ्त में गरीबों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलती थी। अब लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जा कर अल्ट्रासाउंड के लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने सरकार से तबादला आदेश वापस लेने की मांग की है। CMO मंडी डॉ देवेंद्र शर्मा का कहना है कि करसोग सिविल अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला कुल्लू के लिए हुआ है। इस बारे में आदेश प्राप्त हो गए हैं।

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