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हमीरपुर में शराब के 7 ठेके सील:जॉइंट कमिश्नर के आदेशों पर देर रात तक चली कार्रवाई; बेचा जा रहा ब्रांड रजिस्टर्ड नहीं

हमीरपुर3 महीने पहले
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ठेकों को सील करने की कार्रवाई करते अधिकारी। - Money Bhaskar
ठेकों को सील करने की कार्रवाई करते अधिकारी।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में बगैर पंजीकरण और स्वीकृति के बेची जा रही एक ब्रांड की शराब के पकड़े जाने के बाद 7 ठेकों को सील कर दिया गया है। सील करने की यह कार्रवाई गुरुवार देर रात तक जारी रही। शराब की यह खेप जिला के टौणी देवी क्षेत्र में पाई गई थी। इसकी रिपोर्ट जॉइंट कमिश्नर मंडी को भेजी गई थी। उनके आदेश पर गुरुवार देर शाम सील करने की कार्रवाई शुरू हुई थी।

एक रोज पहले विभाग ने एक ब्रांड की 76 पेटी शराब बरामद की थी। संबंधित ठेकेदार इस शराब के दस्तावेज नहीं दिखा पाए थे। उसके बाद कार्रवाई शुरू हुई थी। इस शराब को भेजे जाने की स्वीकृति पिछले साल की एक्साइज पॉलिसी तक ही सीमित थी। नई पॉलिसी में इसे न ही रजिस्टर करवाया गया था और न ही स्वीकृति ली गई थी। उसके बाद विभाग के अधिकारियों ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू की थी।

यह ठेके हुए सील

जिले के ऊहल, गवारडू, कलंझरी, कुठेडा, चौकी, टौणी देवी सहित छह ठेकों को और सब एंड पुंग खड्ड यूनिट-5 के तहत कुल 7 ठेकों पर कार्रवाई करते हुए सील किया गया है। बीते रोज पकड़ी गई शराब के मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों ने जॉइंट कमिश्नर को इससे संबंधित रिपोर्ट भेजी थी। वहां से जांच करने के बाद इन ठेकों को सील करने के आदेश जारी हुए थे।

यह है पॉलिसी

दरअसल शराब के हर ब्रांड को बेचने के लिए पहले आबकारी एवं कराधान विभाग के पास रजिस्टर करवाना पड़ता है। बगैर स्वीकृति के किसी भी शराब को नहीं बेचा जा सकता। अंग्रेजी ब्रांड की व्हिस्की काे इस साल 31 मार्च के बाद रजिस्टर नहीं करवाया गया था, इसलिए सील करने की कार्रवाई की गई।

ईटीओ अनुराग गर्ग का कहना है कि जो ब्रांड पकड़ी गई थी, नियमों के तहत उसे यहां बेचने के लिए पॉलिसी एक्ट के तहत रजिस्टर करवाना जरूरी है। पिछले साल की पॉलिसी में तो वह रजिस्टर्ड थी, लेकिन इस साल उसकी स्वीकृति नहीं ली गई थी। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी गई थी। अब 7 ठेकों को सील कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।