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  • Relief: Recovery Rate Increased After 13 Days, Total Cases Decreased : Corona's Active Cases Decline For The First Time, Although New Cases Are Increasing The Danger

रोहतक में 13 दिन कम हुए कोरोना केस:रिकवरी रेट बढ़कर 94.08% हुआ; 15 दिन में एक्टिव केस 1027; अब तक PGI के 123 डॉक्टर संक्रमित

रोहतक8 महीने पहले
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हरियाणा के रोहतक जिले में कोरोना से रिकवरी रेट में 13 दिन बाद बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं कुल एक्टिव केसों में भी पहली बार कमी हुई है। हालांकि एक दिन में मिल रहे नए केसों के आंकड़े अभी भी खतरा बढ़ा रहे हैं। पिछले 2 दिन से जिले में रोजाना 200 से ज्यादा नए केस मिले हैं। अगर रिकवरी रेट में सुधार न होता तो यह नए केस कुल केसों की संख्या को काफी बढ़ा देते।

रिकवरी रेट हुआ 94.87
जिले में इस वक्त कोरोना का रिकवरी रेट 94.08 प्रतिशत है। शनिवार को इसमें 0.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2 जनवरी को जिले का रिकवरी रेट 97.76 था। इसके बाद यह लगातार घटता गया और विगत शुक्रवार तक यह 93.97 तक आ पहुंचा। हालांकि जिले में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यह एक जनवरी को 4.22 था और 15 जनवरी को यह 4.26 तक जा पहुंचा है।

कुल एक्टिव केस घटे
जिले में जहां 14 जनवरी को कुल एक्टिव केसों की संख्या 1043 थी, वहीं 15 जनवरी को यह संख्या 1027 हो गई। कुल केसों की संख्या में गिरावट ऐसे समय में आई है, जब नए केस 15 जनवरी को भी 200 से ज्यादा पाए गए हैं। यह इसलिए हुआ है, क्योंकि 15 जनवरी को कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की भी जिले में संख्या 255 रही है। इससे रिकवरी रेट में काफी सुधार हुआ है।

हर चौथा डॉक्टर भी पॉजिटिव

हरियाणा के रोहतक स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PGIMS) में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। यहां पिछले तीन दिन में नए केसों की संख्या तीन गुना तक बढ़ चुकी है। अब यहां हर चौथा डॉक्टर पॉजिटिव है। वहीं कुल केस जिले के कुल केसों के एक तिहाई के बराबर हो गए हैं। परिसर में कोरोना को पैर पसारते देख एक सप्ताह पहले हॉस्टल व अधिकांश ओपीडी को बंद किया गया था, इसके बाद भी केसों में कमी नहीं आ रही है।

123 डॉक्टर हुए पॉजिटिव

रोहतक पीजीआई में 500 से ज्यादा डॉक्टर हैं, यहां अब तक 123 डॉक्टर कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। यह संख्या यहां लगभग 500 डॉक्टरों की एक चौथाई के बराबर है। अस्पताल में कई इंटर्न भी कोरोना पॉजिटिव हैं। गौरतलब हो कि पीजीआई में कोराेना बम सबसे पहले 6 जनवरी को फूटा था। यहां एक साथ 12 डॉक्टर पॉजिटिव मिले थे।

इसके अगले ही दिन पीजीआई के यमुना हॉस्टल में एक साथ 35 छात्राओं के पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। इसके बाद पीजीआई में सभी हॉस्टलों को बंद करने व अधिकांश ओपीडी की सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया था।

13 से 15 जनवरी तक चार गुना तेजी

पीजीआई में 13 जनवरी को 27 नए केस सामने आए थे, जिनमें आठ डॉक्टर शामिल थे। 14 जनवरी को यह आंकड़ा बढ़कर 45 हो गया जिसमें दस डॉक्टर पॉजिटिव पाए गए। 15 जनवरी को इसमें और तेजी से इजाफा हुआ और एक ही दिन में पीजीआई में 73 नए केस सामने आए। जिसमें 24 डॉक्टर शामिल हैं। 13 जनवरी की तुलना में 15 जनवरी को तीन गुना अधिक नए केस पाए गए हैं।