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पानीपत के ब्राह्मण-सनातन धर्म संगठन आमने-सामने:एक पर्व की दो तारीखें घोषित करने पर भड़के ब्राह्मण; बोलें- अब शास्त्र अनुसार मनाएंगे पर्व

पानीपत2 महीने पहले
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हरियाणा के पानीपत शहर के प्राचीन श्री देवी मंदिर में शुक्रवार को शहर के तमाम ब्राह्मणों और सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा श्री कृष्ण जन्माष्टमी, करवा चौथ जैसे एक ही पर्व को 2 दिन मनाए जाने का रहा। इसमें ब्राह्मणों ने एकमत होकर सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारियों का विरोध किया और कहा कि 2 दिन त्योहार की भ्रामक स्थिति सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारियों द्वारा की जाती है।

इस बात को लेकर ब्राह्मणों और संगठन के पदाधिकारियों में आमना-सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई और आखिर में संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक को बीच में छोड़ा और वहां से चले गए। इसके बाद ब्राह्मणों ने हर त्योहार को शास्त्रों के अनुसार मनाने का फैसला लिया।

मीटिंग के दौरान सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारियों से हुआ सामना।
मीटिंग के दौरान सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारियों से हुआ सामना।

सनातन धर्म संगठन के पेपर पर लिखी तारीख नहीं होगी मान्य
जानकारी देते हुए ब्राह्मण समाज अध्यक्ष आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि सनातन धर्म संगठन के पदाधिकारी अक्सर मनमर्जी से त्योहारों की तिथि चयन करते आएं हैं। जिसमें वे ब्राह्मणों से पूछताछ व विचार-विमर्श नहीं करते थे।

जिसके चलते ब्राह्मण समाज को न केवल पर्व मनाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि लोगों में भी भ्रामक स्थिति पैदा हो रही थी। इसी को लेकर आज मीटिंग की गई मीटिंग में एकमत होकर निर्णय लिया गया कि अब शास्त्रों के अनुसार ही पर्व मनाए जाएंगे। सनातन धर्म संगठन के पेपर पर लिखी हुई तारीखों के हिसाब से पर्व नहीं मनेंगे।

मीटिंग में विचार-विमर्श करते ब्राह्मण।
मीटिंग में विचार-विमर्श करते ब्राह्मण।

लोगों को इस तरह बताई जाएगी पर्व की तारीख
अध्यक्ष आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार पूरे वर्ष भर का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इन तारीखों को शहर भर के हर मंदिर में चस्पा करवाया जाएगा। मीडिया के माध्यम से भी इन तारीखों का प्रचार एवं प्रसार करवाया जाएगा। यह सब तारीख शास्त्रों के अनुसार ही तय होंगी।

मीटिंग को संबोधित करते अध्यक्ष आचार्य लालमणि पांडेय।
मीटिंग को संबोधित करते अध्यक्ष आचार्य लालमणि पांडेय।

ये सब तारीख बनारस, अयोध्या, वृंदावन समेत तमाम धार्मिक स्थलों एवं तीर्थ स्थलों से भी मान्य होंगी। उन्होंने कहा कि अगर सनातन धर्म संगठन के सदस्य शास्त्रों के अनुसार चलेंगे, तो उनके भी विचारों का स्वागत हैं। नहीं तो उनकी दी हुई तारीखों पर पर्व नहीं मनेंगे।