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पानीपत में बेंचों में भी भ्रष्टाचार:वजन बढ़ाने के लिए लोहे की पाइप में भरा रेत; कमिश्नर बोलें- ठेकेदार समेत संलिप्त अधिकारी नपेंगे

पानीपत2 महीने पहले
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हर दिन सुर्खियों में रहने वाला हरियाणा के पानीपत शहर का नगर निगम एक बार फिर चर्चा का विषय बना है। इस बार एक अनूठा व बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामला पार्कों में आए बैठने के बेंच से जुड़ा हुआ है।

दरअसल, नगर निगम द्वारा शहर के पार्कों में बैठने के लिए बेंच बनाने का ठेका एक कंपनी को दिया हुआ है। इस टेंडर के तहत बुधवार रात शहर के कई वार्ड में पार्कों में बेंच आए थे। इन बेंचों को संबंधित एरिया की कमेटी के प्रधानों की जांचने एवं रखवाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

लोहे की पाइप से निकाला गया रेत।
लोहे की पाइप से निकाला गया रेत।

रात को वार्ड 20 मॉडल टाउन में ये बेंच आए थे। बैंच को देखने के लिए स्थानीय लोगों की कमेटी पहुंची तो उन्होंने देखा की बेंच का वजन देखने में कम लग रहा है और उठाने में ज्यादा था। मौके पर कमेटी के सदस्यों ने नगर निगम कमिश्नर श्याम लाल पूनिया और विधायक प्रमोद विज को बुलवाया। जांच करने पर पाया गया की बैंच में लगे पाइप में वजन बढ़ाने के लिए रेत भरी गई थी।

400 बैंच का है ऑर्डर

नगर निगम के मुताबिक एक बेंच का वजन 90 किलो बताया गया है। पानीपत के पार्कों में लगभग 400 बैंच रखने के ऑर्डर दिए गए हैं। अभी तक पानीपत में 100 बेंच ही पहुंचे हैं। बैंच बनाने वाली कंपनी ने एक बैंच में 12 पाइपों का प्रयोग किया है।

बेंच के ऊपर और नीचे के 2-2 पाइप छोड़कर 8 पाइपो में वजन ज्यादा दिखाने के लिए रेत भरा गया है। एक पाइप में लगभग ढाई किलो रेत भरा गया है। यानि एक बेंच में 20 किलो के करीब रेत भरकर बेंच का वजन 90 किलो किया गया है। जो अपने आप में काफी बड़ा घोटाला किया गया है।

लोहे की पाइप वाली यह बेंच आए हैं।
लोहे की पाइप वाली यह बेंच आए हैं।

कंपनी होगी ब्लैक लिस्टेड: कमिश्नर

मौके पर पहुंचे नगर निगम कमिश्नर और विधायक द्वारा पाइपों से रेत निकलवाने का काम शुरू किया गया। जिस दौरान एक पाइप में ढाई किलो वजन के बराबर रेत निकला। भ्रष्टाचार उजागर होने पर नगर निगम कमिश्नर श्याम लाल पूनिया ने कहा की कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के मुताबिक कार्य नहीं किया गया है।

नगर निगम कमेटी इसकी जांच कर रही है। जांच में यह निर्धारित हो जाएगा, कितना घोटाला किया गया है। इसके बाद 1 दिन के ही अंदर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करके FIR दर्ज की जाएगी। अगर इस भ्रष्टाचार के मामले में कोई अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।