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पानीपत में हुई 12 गांवों की पंचायत:गैंगस्टर मनोज बाबा का अवैध निर्माण गिराने का मामला गरमाया; लोग बोले- टारगेटिड थी प्रशासन की कार्रवाई

पानीपत2 महीने पहले
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गांव उग्राखेड़ी में चौपाल में हुई 12 गामा पंचायत।

हरियाणा के पानीपत जिले के गांव उग्राखेड़ी में रविवार को 12 गांवों की पंचायत हुई। पंचायत का मुख्य विषय शनिवार को प्रशासन द्वारा पानीपत के गैंगस्टर मनोज बाबा द्वारा किए गए अवैध निर्माण को तोड़ने का रहा। पंचायत ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध जताया। साथ ही कहा कि यह कार्रवाई टारगेटिड थी, क्योंकि प्रदेश सरकार अपराधियों की अवैध संपत्तियों और अवैध निर्माण के खिलाफ है।

पानीपत में मनोज बाबा के नाम पर जो कार्रवाई की गई है, उससे मनोज का कोई लेना-देना ही नहीं है। यह प्रॉपर्टी मनोज के भाई जगपाल और दिलबाग की है। पंचायत ने यह भी कहा कि अगर इन दोनों भाइयों की प्रॉपर्टी पर प्रशासन ने कार्रवाई करनी थी तो पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। अचानक की गई कार्रवाई से दोनों भाइयों का रोजगार ठप हो गया है। पंचायत ने 21 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी MP संजय भाटिया से मिलेगी और न्याय की गुहार लगाएगी।

मनोज के भाई संजय बाबा बोले- निर्माण नहीं, कार्रवाई अवैध

शनिवार को प्रशासन और मीडिया के सामने अपना बयान रखने के बाद आज पंचायत में भी मनोज बाबा के भाई संजय बाबा ने अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर यह निर्माण अवैध था तो प्रशासन की कार्रवाई का तरीका भी अवैध ही था। अचानक से कारवाई करने आई टीम ने समय तक नहीं दिया। इससे पहले कि कुछ समझ पाते, प्रशासन ने सब कुछ आंखों के सामने बिखेर दिया है।

बार एसोसिएशन प्रधान ने दी प्रशासन से मिलने की सलाह

पंचायत में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि शनिवार को कार्रवाई होने की बात पता लगने पर वे खुद भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, मगर उन्होंने DC से बात करने के बारे में कहा।

DC को कॉल की गई थी, मगर उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद MP संजय भाटिया से बात की गई और आज का समय लिया गया है। इसलिए पंचायत का एक प्रतिमंडल MP से मिले और उनके बाद DC-SP से मिलकर स्थिति को स्पष्ट करें।

पंचायत में अपनी बात रखते जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन।
पंचायत में अपनी बात रखते जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन।

पंचायत ने उठाए यह सवाल

- अगर यह किसी अपराधी पर कार्रवाई का हवाला था तो कार्रवाई उसके भाइयों पर क्यों की गई? - DTP को इसमें शामिल करके अवैध निर्माण गिराने की बात कही गई तो कार्रवाई साथ लगती अन्य फैक्टरियों पर क्यों नहीं की गई ? - साल 2018 में दिए गए नोटिस के बाद कार्रवाई बाबत फिर से नोटिस क्यों नहीं दिया गया? - कार्रवाई से पहले कुछ समय फैक्टरी और गोदाम से माल निकालने का मौका क्यों नहीं दिया गया?

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