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UP के बाद हरियाणा में नाम बदली:पानीपत के गांव बाबरपुर बना श्री गुरुनानक पुर; CM बोले- इतिहास की गलतियां ठीक कर रहे

पानीपत2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के बाद अब हरियाणा में भी शहरों-कस्बों की नाम बदली शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार ने पानीपत के गांव बाबरपुर का नाम बदल दिया है। इसका नाम अब श्री गुरुनानक पुर होगा। हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्‌टर ने रविवार को पानीपत दौरे के दौरान इसका ऐलान किया। CM खट्‌टर ने कहा कि इतिहास में जो गलतियां हुई हैं, उसे ठीक करना हमारा काम है। इसलिए यह फैसला लिया गया।

CM मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने गांव का नाम बदलकर श्री गुरु नानक पुर रखने की सिफारिश की थी, जिसे मान्यता दे दी गई है। नाम बदलने का काम अच्छा है। इतिहास में जो भी गलतियां हुई हैं, उन्हें ठीक करना हर सरकार का काम होता है। लोगों की भावना के अनुसार काम किया जाता है, इसलिए यह प्रस्ताव पारित किया गया है।

CM मनोहर लाल खट्‌टर ने पानीपत आकर नाम बदलने की घोषणा की।
CM मनोहर लाल खट्‌टर ने पानीपत आकर नाम बदलने की घोषणा की।

दो हिस्सों में बंटा है बाबरपुर
बाबरपुर गांव दो हिस्सों में बंटा है। एक हिस्से में बाबरपुर मंडी है तो दूसरे हिस्से में बाबरपुर गांव। बाबरपुर मंडी की आबादी 6500 से 7 हजार के बीच है। यहां 18 सौ से दो हजार वोटर हैं। बाबरपुर गांव की आबादी 25 सौ से 3 हजार है और यहां साढ़े 15 सौ से 16 सौ वोट हैं।

नगर निगम ने भेजा था सरकार को प्रस्ताव
पानीपत शहरी सीट से BJP के MLA प्रमोद विज ने बताया कि बाबरपुर का नाम श्री गुरु नानकपुर करने के प्रस्ताव पर सभी पार्षदों, मेयर और विधायकों के बीच सहमति बन गई थी। इसके बाद ही नाम बदलने का प्रस्ताव पानीपत नगर निगम की हाउस मीटिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा गया। अब राज्य सरकार ने इसकी इजाजत दे दी है।

पानीपत नगर निगम ने नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर भेजा था।
पानीपत नगर निगम ने नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर भेजा था।

कभी बाबर की सेना ने डाला था डेरा
गांव का नाम बाबरपुर कैसे पड़ा? इसे लेकर कोई आधिकारिक डॉक्यूमेंट तो उपलब्ध नहीं है मगर कहा जाता है कि मुगल साम्राज्य का संस्थापक और पहला मुगल शासक ज़हीरुद्दीन मुहम्मद उर्फ बाबर जब भारत आया तो उसकी सेना ने इस जगह डेरा डाला था। यह जगह यमुना नदी के करीब थी और यहां पानी आसानी से उपलब्ध था। बाबर की सेना के यहां डेरा डालने की वजह से ही इस जगह का नाम बाबरपुर पड़ गया।

बाबरपुर मंडी इलाके के कई लोग गांव के नाम बदलने को सही बताते हैं जबकि कुछ लोगों ने इस पर एतराज भी जताया। उनका कहना है कि नाम बदलने के बाद कागजात और तमाम तरह के दूसरे डॉक्यूमेंट्स और दस्तावेज में दिक्कत आएगी।

पहले भी बदले गए नाम
शहरों और कस्बों के नाम बदलने का चलन हरियाणा में नया नहीं है। हरियाणा में मनोहर सरकार ही गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम और मेवात का नाम बदलकर नूंह कर चुकी है। वैसे नाम बदलने के मामले में सबसे ज्यादा चर्चा यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की होती है। योगी सरकार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर चुकी है।

महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे की सरकार ने जाते-जाते औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव कर दिया था। उससे पहले बंबई का नाम बदलकर मुंबई, मद्रास का नाम बदलकर चेन्नई और बैंगलोर का नाम बदलकर बंगलुरु किया जा चुका है। हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दिल्ली में ‘राजपथ' का नाम बदलकर ‘कर्तव्यपथ' किया था।

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