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NHM हरियाणा में लॉन्च करेगा ऐप:अपलोड होगा डाटा; बच्चों की स्क्रीनिंग करने वाली टीमों पर मिशन रखेगा नजर

चंडीगढ़3 महीने पहले
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत NHM हरियाणा गरीब परिवारों के बच्चों की निशुल्क सर्जरी करवा रहा है] परंतु एनएचएम को शिकायतें मिली हैं कि कुछ टीमें स्कूलों में स्क्रीनिंग के नाम पर खानापूर्ति कर रही हैं। अब इन पर शिंकजा कसने के लिए जीपीएस सिस्टम से लैस एक ऐप लॉन्च होने जा रही है, जो टीमों की गतिविधियों पर नजर रखेगी। उन्हें ऐप पर ही बच्चों का डाटा अपलोड करना होगा। अगले एक सप्ताह में मिशन इसे लॉन्च कर देगा।

211 टीमों के पास जिम्मेदारी

एनएचएम हरियाणा द्वारा पूरे प्रदेश में 211 टीमें गठित की गई हैं। यह टीम चार सदस्यीय है। इनमें दो आयुष डॉक्टर शामिल हैं, जिनमें एक पुरुष व एक महिला डॉक्टर है। इसके अलावा एक एएनएम और एक फार्मासिस्ट भी है। इनकी एक माह की माइक्रो प्लानिंग जिला स्तर पर तैयार होती है। उसके बाद इसे एनएचएम मुख्यालय भेजा जाता है। अहम बात यह है कि कोरोना काल में भी टीम सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सरकारी स्कूलों के बच्चों की स्क्रीनिंग

एनएचएम हरियाणा द्वारा 211 मोबाइल हेल्थ टीम से जुड़े सभी 844 सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें बताया गया है कि किस तरह से उन्होंने सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले जीरो से 18 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग करनी है। कार्यक्रम के तहत शून्य से 6 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग आंगनवाड़ी केंद्रों में की जाती है। इससे ऊपर आयु वर्ग के बच्चों (18 साल तक) की स्क्रीनिंग सरकारी स्कूलों में की जाती है। टीम साल में एक बार सरकारी स्कूलों के बच्चों की और दो बार आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की स्क्रीनिंग करती है।

2021-22 में 700 बच्चों की निशुल्क सर्जरी

वर्ष 2019-20 इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश में गठित 211 मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा जीरो से 18 साल तक के 34,65,447 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं 2021-22 के दौरान एनएचएम इस कार्यक्रम के तहत करीब 700 गरीब परिवारों के बच्चों की निशुल्क सर्जरी करवा चुका है। खास बात यह है कि इनमें 500 सर्जरी हार्ट से जुड़ी हुई हैं। इस कार्यक्रम से प्रदेश में बाल मृत्यु दर में काफी कमी आई है।

इंपैनल्ड अस्पतालों से करवाई जाती सर्जरी

मोबाइल हेल्थ टीम बच्चों की स्क्रीनिंग के दौरान बीमारी के लक्ष्ण मिलने पर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजती है, जहां इन बच्चों की बीमारी का पता लगाया जाता है। अगर इस दौरान बच्चे को सर्जरी की जरूरत महसूस होती है तो उसका पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक या फिर सरकार के इंपैनल्ड से जुड़े अस्पतालों में सर्जरी करवाई जाती है। कार्यक्रम के तहत 30 तरह की बीमारियों का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग की जाती है।

एनएचएम के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एनएचएम हरियाणा द्वारा जल्द एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए प्रदेशभर में गठित 211 मोबाइल हेल्थ टीम के कार्यों पर नजर रखी जा सकेगी। इस कार्यक्रम के तहत साल में एक बार सरकारी स्कूलों और दो बार आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की निशुल्क स्क्रीनिंग की जाती है।