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इमरजेंसी के बहाने कांग्रेस पर निशाना:CM मनोहर का ट्वीट- भारत के इतिहास का काला अध्याय, लोकतंत्र का गला घोंटा

हिसार5 महीने पहले
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इमरजेंसी के बहाने भाजपा समेत अन्य विरोधी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। देश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी 1975 में 25 जून को ही आपातकाल लागू किया था। इस मौके पर शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा और इनेलो ने कांग्रेस को घेरा है। साथ ही इमरजेंसी में जेल जाने वाले वीरों को नमन किया।

सीएम मनोहर लाल का ट्वीट
सीएम मनोहर लाल का ट्वीट

CM मनोहर लाल ने ट्वीट किया कि 25 जून 1975 को भारत इतिहास के एक काले अध्याय का साक्षी बना। इसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। आपातकाल में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, जनता और मीडिया का गला घोंटकर प्रमुख लोगों को जेल में डाल दिया गया। लोकतंत्र सेनानियों ने जो यातनाएं झेलीं वो अकल्पनीय हैं। लोकतंत्र रक्षकों को नमन।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस का अपनी सत्ता को बचाने के लिए पूरे देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करना लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। आपातकाल का मुखर विरोध करने वाले सभी नायकों को कोटि-कोटि नमन।

अभय चौटाला का ट्वीट
अभय चौटाला का ट्वीट

वहीं इनेलो नेता और ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने ट्वीट किया कि 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार ने भारतीय लोकतंत्र की हत्या कर देश पर आपातकाल थोपा था। सरकार ने किसान-कमेरे के हकों की लड़ाई लड़ने वाले जननायक देवीलाल को 20 महीने जेल में भीषण यातनाएं दीं। फिर भी जननायक न झुके, न थके और न कभी रुके।

इंदिरा गांधी ने की थी इमरजेंसी की घोषणा

1971 में लोकसभा चुनावों में इंदिरा गांधी ने कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाई थी। परंतु रायबरेली से इंदिरा की जीत को संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार राजनारायण ने कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि चुनाव में इंदिरा गांधी ने गलत तरीकों का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने इंदिरा के चुनाव को अयोग्य ठहरा दिया। इससे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और न्यायपालिका में टकराव हो गया। इंदिरा के कहने पर तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुदीन अली अहमद ने इमरजेंसी लगा दी। इस दौरान देशभर के बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। इमरजेंसी 21 मार्च 1977 तक रही।