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आधा मानसून बरसा:मानसून सीजन में 460 मिमी. होती है बारिश, अब तक 235 मिमी. हुई

हरियाणा3 महीने पहले
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गाड़ियां फंसी, घरों में घुसा पानी - Money Bhaskar
गाड़ियां फंसी, घरों में घुसा पानी
  • करनाल में 24 घंटे में 167 मिमी. पानी गिरा, जुलाई में 40 साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई
  • यमुना नदी में जलस्तर सीजन के उच्चतम स्तर पर 1.59 लाख क्यूसेक पर पहुंचा, अलर्ट
  • हिसार में 10:13 घंटे की बारिश में 3-4 फीट तक पानी भर गया।

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में औसतन 26.1 मिलीमीटर बारिश हुई है। तीन जिलाें में 100 मिमी. से ज्यादा बारिश हुई है। करनाल में सर्वाधिक 167.2 मिमी. पानी बरसा है। यहां जुलाई माह में अब तक 659 मिमी. बारिश हो चुकी हैं, जो 40 साल में सबसे ज्यादा है। 1980 से अब तक जुलाई माह में यहां कभी इतनी बारिश नहीं हुई है। कुछ इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर 3 से 4 फीट तक भर गया। इसमें गाड़ियां फंस गईं। घरों में पानी घुस गया।

1 जून से 28 जुलाई तक राज्य में 235.4 मिमी. बरसात हो चुकी है। यह सामान्य से 24 फीसदी अधिक है। प्रदेश में मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में सामान्य बारिश 460 मिमी. मानी जाती है। 58 दिन में मानसून की बारिश का आधा कोटा बरस चुका है। वहीं, पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। हथिनीकुंड बैराज पर बुधवार दोपहर 1:00 बजे 1 लाख 59 हजार 757 क्यूसेक बहा। इस सीजन में यह सबसे उच्चतम स्तर है।

इसको देखते हुए यमुना से सटे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुनानगर के 7, करनाल के 10 गांवों में अलर्ट जारी किया जा चुका है। बारिश में मौसम सुहावना हो गया है। तापमान सामान्य से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है। सिरसा में दिन और रात के तापमान में सिर्फ 0.6 डिग्री का अंतर रह गया। वहां दिन का पारा 27.8 और रात का 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। कुछ जिलों में तेज बारिश भी हो सकती है।

हथिनीकुंड बैराज से रोकी गई नहरों की जलापूर्ति

सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने बताया कि यमुना में 90,000 क्यूसेक तक पानी का स्तर पहुंच जाने पर बैराज से निकलने वाली नहरों की जल आपूर्ति रोक दी जाती है। इस जल स्तर को मिनिमम फ्लड लेवल माना जाता है। 2.5 लाख क्यूसेक के स्तर को हाई फ्लड लेवल माना जाता है। बैराज पर बुधवार सुबह 10 बजे पानी का बहाव 50 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया। 11 बजे 64835 क्यूसेक व दोपहर 1 बजे 1 लाख 59 हजार 757 क्यूसेक पर पहुंच गया।

धान काे बड़ा लाभ, सब्जी की फसल को नुकसान

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान, ज्वार, बाजरे आदि के लिए बड़ी लाभदायक है, पर पानी में पौध न डूबने दें। सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश के बाद खरीफ की बजाई में तेजी आएगी।

कई जिलों में बारिश से हादसे

  • कुरुक्षेत्र: लोहार माजरा में मकान की छत गिरने से 4 लोग घायल हो गए।
  • जींद: रामबीर कॉलोनी में 2 और गांव करसोला मकान की छत गिरी, जुलाना में पूरा मकान गिर गया है। कोई चोटिल नहीं है
  • करनाल: श्याम नगर में मकान गिरा और सुभाष गेट में मकान की छत गिरी। कोई चोटिल नहीं।
  • पानीपत: गांव जाटल आसमानी बिजली गिरने से रेलिंग टूटकर गिर गई।
  • फतेहाबाद: टोहाना में एक मकान व एक कमरे की छत गिर गई। कोई चोटिल नहीं हुआ।
  • रोहतक: रेलवे राेड और महम के गांव निंदाना में मकान की छत गिर गई। 2 घायल हुए
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