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सिंघु बॉर्डर पर किसानों से संवाद के लिए टीम तैयार:रास्ता खुलवाने के लिए ACS राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी गठित, DGP, ADG लॉ एंड ऑर्डर भी शामिल

करनालएक वर्ष पहले
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सिंघु बॉर्डर को खुलवाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को हाईलेवल मीटिंग ली। जिसमें एक कमेटी का गठन का किया गया है जो किसानों मोर्चा से बातचीत कर के रास्ते को खुलवाने की कोशिश करेगी। चंडीगढ़ में CM निवास में ये बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री, गृहमंत्री अनिल विज, समेत उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

दिल्ली बॉर्डर पर रास्ता खुलवाने के लिए कमेटी बनी
बैठक के बाद गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि रास्ता खुलवाने के लिए गृह विभाग के ACS राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय हाईपावर कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें DGP, ADG (लॉ एंड ऑर्डर) और कई अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। ये कमेटी संयुक्त किसान मोर्चा से दिल्ली बॉर्डर पर रास्ता खोले जाने को लेकर बातचीत करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दिल्ली आने-जाने वाले लोगों की सहुलियत के लिए संवाद कर हल निकाला जाएगा।

बैठक के दौरान यह प्वॉइंट आया था कि मानवाधिकार आयोग ने भी सिंघु बॉर्डर पर नेशनल हाईवे खुलवाने के लिए हरियाणा सरकार को नोटिस दिया है। इस पर हरियाणा के गृहमंत्री ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई नोटिस हरियाणा सरकार को नहीं मिला है। अगर कोई नोटिस आता है तो उस पर चर्चा की जाएगी।

मंगलवार को DC की बैठक में किसानों ने दिया था भरोसा
इससे एक दिन पहले मंगलवार को सोनीपत में डिप्टी कमीशनर ललित सिवाच की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि जीटी रोड पर एक साइ़ड से लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता दें, ताकि आम लोगों को होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके। जिस पर किसानों ने भरोसा दिया है। ऐसा करवाने में प्रशासन 9 महीने बाद सफल हुआ है और इस सफलता का दरवाजा करनाल से खुला है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिए थे
डिप्टी कमीशनर ने बताया कि मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जनहित में कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों से एक तरफ का रास्ता खाली करवाया जाए। इसके बाद ललित सिवाच के निवेदन पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस बात पर विचार करेंगे।

इसके लिए वे संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके जल्द प्रशासन को इसकी सूचना देंगे। कुछ किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एकतरफ मार्ग छोड़ने की ति में उन्हें दूसरी जगह वैकल्पिक जगह उपलब्ध करवाई जाए। दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना भी एक प्रमुख समस्या है।

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