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पंजाब किसान आंदोलन पर टिकैत की दो टूक:बोले- सरकारों के हालात और नीयत ठीक नहीं, कई जगह शुरू हो सकता है आंदोलन

करनालएक महीने पहले
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किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा है कि किसानों ने पंजाब में दोबारा आंदोलन शुरू किया है। केंद्र और राज्य सरकारों के हालात और नीयत ठीक नहीं है। ऐसे में जगह-जगह आंदोलन शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बुधवार को हरियाणा में करनाल जिले के सौकडा गांव पहुंचे राकेश टिकैत ने यह बात कही। उन्होंने यहां आयोजित किसान अधिवेशन में भाग लिया। इस प्रोग्राम में संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मौजूद किसान व किसान नेता।
कार्यक्रम में मौजूद किसान व किसान नेता।

सवाल : आज किस कार्यक्रम का आयोजन है?

टिकैत : किसान अधिवेशन है, जो अहम कार्यक्रम होता है। आगे भी लगातार मीटिंग होती रहेंगी। इसमें संगठन को लेकर चर्चा की गई। साथ ही किसानों पर बात की और गेहूं के मुद्दे पर ही योजना बनाई गई।

सवाल : पंजाब में किसान आंदोलन पर बैठ गए है?

टिकैत : हां, पंजाब में किसान आंदोलन पर बैठ गए हैं। सरकार के हालात खराब हैं। अब तो जगह-जगह आंदोलन होंगे। केंद्र सरकार ठीक नहीं कर रही है। पॉलिसी ठीक नहीं होगी तो ऐसा करना पड़ेगा। सूचना मिलते ही किसान इकट्‌ठे हो जाते हैं। इससे पता चलता है कि वे आंदोलन के मूड में हैं।

कार्यक्रम में पहुंचने पर टिकैत का स्वागत।
कार्यक्रम में पहुंचने पर टिकैत का स्वागत।

सवाल : गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने पर क्या कहेंगे?

टिकैत : सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है। इस बंधन से छोटे व्यापारी मरेंगे। इस बार इंटरनेशनल मार्केट में ठीक भाव मिल रहा था। दो पैसे का किसान को भी फायदा होता। हमारे पास अनाज की कमी नहीं है। मोटा अनाज तो हमारे पास बहुत ज्यादा है।

इनमें गेहूं, मक्का, धान शामिल है। भाव ठीक मिलेगा तो किसान अगले साल ज्यादा मात्रा में उस फसल को पैदा कर देंगे। जब इंटरनेशनल मार्केट से गेहूं की बिक्री से फायदा हो रहा है तो उसका लाभ उठाना चाहिए।

सवाल : सरकार ने किन बातों को स्वीकार किया है?

टिकैत : सरकार लगातार वादा खिलाफी कर रही है। बोलती कुछ है, करती कुछ है। घोषणा पत्र में जो होता है, उस पर काम नहीं करती। जैसे उत्तर प्रदेश में भाजपा ने कहा था कि बिजली फ्री देंगे, लेकिन फ्री नहीं की, रेट आधे कर दिए और मीटर बाहर लगाए जा रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत।