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कृषि अनुसंधान ने 40 दिन बांटा खराब बीज:किसानों में संस्थान के प्रति रोष; 21 मई तक बदलें बीज

करनालएक महीने पहले
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भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान करनाल। - Money Bhaskar
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान करनाल।

हरियाणा के जिले करनाल के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने किसानों को पूसा बासमती 1509 धान का खराब बीज बेच दिया। दो महीने बाद संस्थान का पता चला कि उन्हाेने 40 दिन खराब बीज बेचा है। जो किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।

इससे किसानों में रोष बना हुआ है। गलती का एहसास होने पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय स्टेशन करनाल ने खराब बीज को वापस मांगा है। जिस किसान के पास खराब बीज पहुंचा है वह 21 मई तक वापस कर सकते हैं।

वहीं जिन्होंने बीज को पनीरी के लिए प्रयोग कर लिया। उनके लिए कोई प्लानिंग नहीं बनाई है। इसका भारतीय किसान यूनियन विरोध जता रहा है। उधर 40 दिनों के बाद बीज खरीदने वाले किसानों को भी संशय बना हुआ है कि वो बीज खरीदें या नहीं।

पैसे और समय का नुकसान

किसान महीपाल सिंह ने बताया कि वे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से पूसा बासमति 1509 का बीज लेकर आए थे। बाद में पता चला कि संस्थान ने खराब बीज बेच दिया। अब बीज को वापस मंगवा रहे हैं। हमने बीज को पनीरी में प्रयोग कर लिया।

ऐसे में हमें आर्थिक नुकसान तो हो रहा है। साथ ही अनुसंधान केंद्र से भी विश्वास उठ रहा है। वहीं बीज लेकर आने, वापस देने और दाेबारा खरीदने में खर्च और समय नष्ट होगा वो अलग ही रह गया।

किसान नेता विक्रम कसाना।
किसान नेता विक्रम कसाना।

बिजाई करने वालों के लौटने पैसे

भारतीय किसान यूनियन के किसान नेता विक्रम कसाना ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने भले ही खराब बीज को वापस मंगवा लिया हो, लेकिन बड़ी संख्या में इससे किसानों को परेशानी पैदा हो गई है। संस्थान ने सिर्फ उन किसानों से ही बीज वापस मांगा है जिन्होंने खरीदारी के बाद बिजाई नहीं की थी।

25 फरवरी से खराब बीज बिक रहा था। जिन किसानों ने बीज खरीदने के बाद उसकी बिजाई कर दी। उनके आर्थिक नुकसान की किस प्रकार भरपाई की जाएगी। साथ ही उन्हें दोबारा से पहले दिए हुए पैसों में ही बीज उपलब्ध करवाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संस्थान द्वारा जल्द निर्णय नहीं लिया तो वो आंदोलन करेंगे।

संस्थान में संपर्क करें समाधान होगा

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय स्टेशन करनाल के अधिकारी का कहना है कि पूसा बासमती 1509 धान के एक लॉट बिक्री के समय अंकुरण क्षमता निर्धारित 80% के न्यूनतम मानक से ऊपर थी। उस बीज में पैदावार शक्ति कमी की आशंका है।

जिस कारण नर्सरी में अंकुरण की शिकायत आ सकती है। किसानों के हित को देखते हुए संस्थान ने 25 फरवरी 2022 से 4 अप्रैल 2022 तक की अवधि में क्षेत्रीय स्टेशन करनाल से बिक्री किए गए पूसा बासमती 1509 के बीज को वापस लेने का निर्णय लिया है।

बीज खरीदने वाले किसान 21 मई 2022 तक रसीद व बीज के भरे हुए थैले के साथ क्षेत्रीय स्टेशन करनाल में संपर्क कर सकते हैं जिससे समस्या का समाधान किया जा सके।