पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी:बढ़ती गर्मी में 12 से 3 बजे के बीच धूप में न निकलें; मौसम का अपडेट जरूर लें

करनालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गर्मी में पानी से प्यास बुझाते शहरवासी। - Money Bhaskar
गर्मी में पानी से प्यास बुझाते शहरवासी।

हरियाणा के जिला करनाल में प्रशासन ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मौसम को लेकर आई एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक लोगों से अपील की गई है कि दिन में 12 बजे से 3 बजे के बीच लोग खुद और पशुधन बाहर धूप में जाने से बचें।

स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत जारी एडवाइजरी में जिलावासी अपने दैनिक कार्यक्रमों की सूची बनाने से पहले रेडियो, टीवी या अखबार के माध्यम से मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि घर से बाहर निकलते समय गर्म हवाओं और लू के प्रकोप से बचा जा सके।

उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि गर्मी का मौसम में दिनोंदिन तापमान बढ़ रहा है। इससे गर्मियों में होने वाली परेशानियों का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मियों में इन परेशानियों के साथ लोगों को डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्या हो सकती है।

इससे बचाव को लेकर विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने जनहित में जिलावासियों से अपील कर कहा कि गर्म हवाएं व लू से शारीरिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सभी जिलावासी पर्याप्त मात्रा में जितनी बार संभव हो अधिक से अधिक पानी पीएं।

धूप में छतरी का सहारे लेते हुए युवतियां।
धूप में छतरी का सहारे लेते हुए युवतियां।

साथ ही जब भी धूप में घर से बाहर निकलें तो हल्के रंगों के ढीले फिटिंग वाले सूती कपड़े पहनें। सुरक्षात्मक चश्मे, छाता, पगडी, दुपट्टा, टोपी, जूते या चप्पलों का उपयोग करें। यात्रा के समय अपने साथ पानी अवश्य रखें।

लस्सी, पानी और छाछ का करें प्रयोग

प्राधिकरण चेयरमैन ने बताया कि यदि आपका कार्यक्षेत्र ऐसा है कि धूप में कार्य करना है तो आप धूप से बचाव के लिए टोपी या छाते का उपयोग करें। अपने सिर, गर्दन और चेहरे पर नम कपड़ा जरूर रखें। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहे इसके लिए घर के बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें।

गर्मी के स्ट्रोक, गर्मी के दाने या गर्मी से ऐंठन जैसे कि कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द , मितली और दौरे के लक्षणों को पहचानें, यदि आप थकान या कमजोरी, बीमार जैसा महसूस कर रहें है तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श करें।

पशुधन का बचाव भी जरूरी

डीसी अनीश यादव ने कहा कि सभी जिलावासी अपने पालतू पशुओं को छाया में रखें और उन्हें निरंतर पीने का पर्याप्त पानी देते रहें। घर का तापमान रहने के योग्य बना रहे इसके लिए रात में घरों की खिड़कियां खुली रखें। गर्मी के मौसम में पालतू जानवरों को घर से बाहर न छोड़ें। कोशिश करें कि दिन में 12 बजे से 3 बजे के बीच आमजन व पशुधन बाहर धूप में जाने से बचें।

डीसी ने इस दौरान जिला के सभी औद्योगिक संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि सभी संस्थान अपने कार्यक्षेत्र पर ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही प्रयास करें कि श्रमिकों को प्रत्यक्ष सूर्य के समक्ष होने वाले कार्यों से बचाया जाए।

मौसम में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए श्रमयुक्त कार्यों को दिन के ठंडे समय के दौरान करें व बाहरी गतिविधियों के दौरान आराम के समय में भी बढ़ोतरी करने के प्रयास करें।