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सिविल अस्पताल में सर्जन ने गांठ निकाली, दांत-पैसे दाेनों बचाए:मुंह में थी गांठ, निजी डेंटिस्ट ने कहा-3 दांत निकाल हाेगी सर्जरी, ~90 हजार अाएगा खर्च

हिसार2 महीने पहले
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एपिसेक्टोमी सर्जरी करके निकाली गांठ के बाद जांच करते डेंटल सर्जन डाॅ. बंसीलाल। - Money Bhaskar
एपिसेक्टोमी सर्जरी करके निकाली गांठ के बाद जांच करते डेंटल सर्जन डाॅ. बंसीलाल।

सिविल अस्पताल के दंत विभाग में एपिसेक्टोमी सर्जरी की सुविधा भी मरीजाें काे मिलेगी। इस सर्जरी से मुंह के अंदर तालू में बनी गांठ काे निकाला जाता है। विभाग के डेंटल सर्जन डाॅ. बंसीलाल ने भैणी अमीपुर के 47 वर्षीय एक मरीज की सफल एपिसेक्टोमी सर्जरी कर उसके दांत और पैसा, दाेनाें ही बचा दिए। इसी सर्जरी के लिए मरीज काे प्राइवेट डेंटिस्ट ने 90 हजार रुपए का खर्च बताया था। यह भी बाेला था कि आगे के तीन दांत निकालकर ही गांठ निकाल पाएंगे। तब मरीज सिविल अस्पताल के दंत विभाग में पहुंचा था, जहां उसे मर्ज का राहत भरा इलाज मिला है।

मरीज ने बताया कि वह लंबे समय से मुंह के अंदर ऊपरी तालू में गांठ बनने से परेशान था। ऐसे में असहनीय दर्द और खाने-पाने में परेशानी बढ़ने लगी थी। इससे राहत पाने के लिए वह एक प्राइवेट डेंटिस्ट के पास गया था। वहां पहले बाेले कि 10 हजार का खर्च आएगा। टेस्ट के रेट अलग हैं। इसके बाद 45 हजार और फिर 90 हजार रुपए मांगने लगे। तब डेंटिस्ट से पूछा कि बार-बार ट्रीटमेंट रेट क्याें बदल रहे हाे। बाेले कि इसमें अलग-अलग विशेषज्ञाें काे बुलाना पड़ेगा। आगे के तीन दांत निकालकर सर्जरी करेंगे।

ऐसे में वहां से किसी के कहने पर सिविल अस्पताल के दंत विभाग में आया था। यहां डेंटल सर्जन डाॅ. बंसीलाल ने जांच करके डेढ़ घंटा सर्जरी करके दांत भी बचा दिए और गांठ भी निकाल दी। अब दर्द भी नहीं है और न काेई अन्य परेशानी। किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं देना पड़ा।

मरीज को डिस्चार्ज किया
सिविल अस्पताल के दंत विभाग में कई तरह की सर्जरी शुरू कर चुके हैं। एपिसेक्टोमी सर्जरी का मरीज आया था। सर्जरी करके उसकी गांठ निकाल दी और दांत भी सुरक्षित हैं। इसके अलावा मुंह के अंदर अन्य किसी हिस्से की चीड़-फाड़ नहीं की। मरीज ने बताया था कि प्राइवेट डेंटिस्ट ने सर्जरी पर 90 हजार रूपये तक खर्च बताया था। फिलहाल मरीज इलाज से संतुष्ट है और जिसे डिस्चार्ज कर दिया था।''-डाॅ. बंसीलाल, डेंटल सर्जन, दंत विभाग सिविल अस्पताल।

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