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गुरुजी बिन कैसी पाठशाला:जिले के 12 स्कूलों में एक भी स्थायी टीचर नहीं

हिसारएक महीने पहलेलेखक:  चेतन वर्मा
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शिक्षा विभाग स्कूलाें में व्यवस्था बनाने में फेल साबित हाे रहा है। पहली से 8वीं कक्षा तक के 604 सरकारी स्कूलाें में से 137 में टीचर्स का टाेटा है। खास बात है कि 12 स्कूलाें में एक भी स्थाई गुरुजी तैनात नहीं है, जबकि 20 स्कूलाें में एक-एक ही टीचर है।

105 स्कूलाें दाे-दाे टीचर संभाल रहे है। यह आंकड़ा 24 अप्रैल 2022 का है, जिसे शिक्षा विभाग के अधिकारियाें ने निदेशालय में भेजा है। वहीं नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई ताे शिक्षा विभाग काे ऐसे सरकारी स्कूलाें की याद आई है। ऐसे में दाखिले न रुके, इसलिए अस्थायी ताैर पर टीचर्स की तैनाती की है। जाे टीचर्स का टाेटा झेल रहे सरकारी स्कूलाें में जाकर विद्यार्थियाें का दाखिला करेंगे। उसके बाद इन टीचर्स काे वापिस उन्हीं के स्टेशनाें पर भेजा जाएगा। जिससे स्कूलाें में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियाें की पढ़ाई प्रभावित हाे सकती है।

प्राइमरी स्कूल जहां एक भी टीचर नहीं

1. आदमपुर की ढाणी फुलसानी का जीपीएस

2. बरवाला के रविदास नगर का जीपीएस

3. उकलाना के प्रभुवाला का जीजीपीएस

4. उकलाना की ढाणी बुड़ाखेड़ा का जीपीएस

ये हैं 6 से 8वीं कक्षा तक के जिले के वो सरकारी स्कूल जहां कोई स्थायी टीचर नियुक्त नहीं

1. दुर्जनपुर का के जीबीवी स्कूल

2. अग्राेहा के राजीव नगर का जीएमस

3. बरवाला के शविपुरा नंबर वन में जीएमस

4. हांसी के मेहंदा का केजीबीवी स्कूल

5. हांसी के सिंधड़ का जीएमएस

6. हांसी द्वितीय ब्लाॅक का किरतान स्थित केजीबीपी स्कूल

7. नारनाैंद के माढ़ा का केजीबीवी स्कूल

8. उकलाना के भेरी अकबरपुर का केजीबीपी स्कूल

केवल खानापूर्ति की जा रही : बास

पिछले पांच साल से विभाग की कमी के कारण तबादले सिरे नहीं चढ़ पाए। जिस कारण शिक्षकों के पदों का छात्रों की बढ़ी संख्या अनुसार बंटवारा नहीं हो पाया। वहीं कुछ शिक्षकों की सेवानविृत्ति व प्रमोशन के चलते भी स्कूलों में शिक्षक सही अनुपात में नहीं है। कुछ स्कूलों में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं होने पर पड़ोस के स्कूलों से केवल शिक्षक संख्या की खानापूर्ति की जा रही है।'' -सुनील बास, महासचवि, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा, हिसार।

अस्थायी तौर पर शिक्षक भेजे

दाखिले प्रक्रिया काे लेकर जिन स्कूलाें में शिक्षकाें की कमी है, उनमें अस्थाई ताैर पर शिक्षक भेजे गए है। जिनमें एक भी टीचर नहीं है उनमें दाे, जिन स्कूलाें में पहले से ही सिंगल टीचर है, उनमें अतिरिक्त एक टीचर भेजे गए है। ताकि दाखिले प्रक्रिया न रुके। विशेष बात है कि जैसे ही ट्रांसफर ड्राइव शुरू हाेगी। ताे शिक्षकाें का टाेटे की समस्या खत्म हाे जाएगी।'' -धनपत राम, जिला माैलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार।

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