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सपनों का आशियाना बनाना हुआ महंगा:कोयले के रेट बढ़े तो हिसार में भट्‌ठा एसोसिएशन ने ईंटों के रेट 1200 रुपए प्रति हजार बढ़ाकर किए 6500 रुपए, मांग- सरकार कीमतों पर दोबारा विचार करे

हिसार2 महीने पहले
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ईंटों और कोयले के रेट को लेकर मीटिंग करते भट्‌ठा एसोसिएशन के सदस्य। - Money Bhaskar
ईंटों और कोयले के रेट को लेकर मीटिंग करते भट्‌ठा एसोसिएशन के सदस्य।

लगातार बढ़ रही महंगाई के बाद अब आशियाना बनाना भी महंगा होने वाला है। सोमवार को हिसार जोन के भट्‌ठा संचालकों ने मीटिंग करके ईंटों के रेट 1200 रुपए प्रति हजार बढ़ाने का फैसला लिया है। भट्‌ठा संचालकों के अनुसार, बीते तीन महीने में ही कोयले के रेट दोगुने बढ़ गए हैं, जिस कारण भट्ठा संचालक लगातर घाटे में जा रहे हैं। 4 जिलों की एसोसिएशन ने मीटिंग करके सरकारी रेट को 5300 रुपए प्रति हजार से बढ़ाकर 6 हजार 500 करने की मांग की है।

इसके साथ ही एसोसिएशन की मांग है कि अगर ईंटों के रेट नहीं बढ़ाए जाते हैं तो सरकार सस्ते रेट पर भट्‌ठा संचालकों को कोयला उपलब्ध करवाए। संचालकों के अनुसार, सरकार ने तूड़े व अन्य सामग्री से ईंटें पकवाना प्रतिबंधित कर दिया है। अब भट्ठा वाले सिर्फ कोयले से ही ईंटें पका सकते हैं, लेकिन बीते कुछ ही महीनों में कोयले के रेट 9300 रुपए टन से बढ़कर 19 हजार 300 तक पहुंच गए हैं, जिस कारण से ईंटों को पकाने पर लागत भी बढ़ गई है। इसके साथ ही तेल व अन्य सामान की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं, जिस कारण उनके लिए ईंटों के रेट बढ़ाना मजबूरी हो गई है।

सोमवार को हिसार, फतेहाबाद सिरसा व जींद के भट्‌ठा संचालकों की एक बैठक हुई, जिसमें कोयले के बढ़ रहे दामों पर चर्चा हुई। सभी ने एक सुर में सरकार से मांग की कि या तो कोयले के रेट कम कर दिए जाएं, नहीं तो डीसी रेट पर ईंटों के दाम बढ़ाए जाएं। अगर ईंटों के रेट नहीं बढ़े तो इस बार सभी भट्‌ठा संचालक काम करना बंद कर देंगें। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि अगर भट्ठे बंद होते हैं तो लाखों लोगों को बेरोजगार होना पड़ेगा।

क्योंकि इन दामों पर ईंट देना भट्ठा संचालकों के लिए बड़ी कठिनाई होगी। बैठक में जिला हिसार के प्रधान बलबीर गढ़वाल, फतेहाबाद के प्रधान रमेश ढूल्ट, बरवाला से कपूर सिंह, मनीष गुप्ता, उकलाना के प्रधान अनिल नैन, भूना से सतबीर ढिल्लों, अग्रोहा से बलवंत सिंह नरेश कुमार, कृष्ण नैन, पिंकी गुप्ता ,मुल्क राज, रिशाल सिंह, पवन गुप्ता ,महेश पंडित, टेक चंद चहल, दर्शन ढिल्लों, अशोक मित्तल, रामेश्वर मोर, रवि शर्मा, नरेश सहित सैकड़ों भट्ठा संचालक पहुंचे थे।

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