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स्टांप घोटाला:एसडीएम के दो बार नोटिस देने के बाद भी वेंडर जांच में शामिल नहीं हुआ

अम्बालाएक महीने पहले
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30 अप्रैल को छपी खबर। - Money Bhaskar
30 अप्रैल को छपी खबर।

शिकायतकर्ता वकील ने बेटे के एजुकेशन लाेन के लिए लिया था स्टांप
एक ही सीरियल नंबर और क्यूआर काेड पर अलग-अलग स्टांप जारी करने के घोटाले में एसडीएम के दो बार नोटिस देने के बाद भी स्टांप वेंडर जांच में शामिल नहीं हुआ। वहीं शिकायतकर्ता एडवोकेट अनिल कुमार व खजाना कार्यालय के खजांची ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। अब एसडीएम ने जांच में शामिल होने के लिए स्टांप वेंडर संजीव कुमार को एक और नोटिस जारी किया है। एसडीएम ने कहा कि यदि स्टांप वेंडर जांच में शामिल नहीं होता ताे कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि एडवोकेट अनिल कुमार ने डीसी काे शिकायत दी थी कि स्टांप वेंडर ने पोर्टल से 100 रुपए का स्टांप डाउनलोड कर कई लोगों को एक ही नंबर का स्टांप अलग-अलग नाम व पते से बेच दिए। इसका खुलासा तब हुआ था जब बैंक ने स्टांप का क्यूआर कोड स्कैन किया तो स्टांप किसी और के नाम से निकला था। यहीं से घोटाले का पता चला था। एडवोकेट अनिल कुमार की शिकायत के बाद डीसी ने इस मामले की जांच एसडीएम को सौंपी थी। एसडीएम ने जांच के लिए शिकायतकर्ता के साथ-साथ खजाना कार्यालय के खजांची शाम लाल के बयान दर्ज किए हैं।

एडवोकेट अनिल कुमार ने एसडीएम की जांच में बयान दिया कि उनके बेटे कुणाल कुमार ने बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। 3 साल तक बैंगलूर में एक कंपनी में सर्विस की। इसके बाद उनके बेटे ने पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के 2021-23 बैच के लिए आईआईए इंदौर में एडमिशन ली। एडमिशन के लिए 17,06,422 रुपए 6 किस्ताें में भरने थे। उन्होंने एक लाख रुपए फीस भर दी थी। उन्होंने 16,15,000 रुपए के लिए एजुकेशन लोन के लिए 17 जून 2021 को अप्लाई किया। उन्होंने लोन के लिए 100 रुपए को दो स्टांप पेपर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराए।

बैंक एजुकेशन लोन की पहली किस्त 2,40,711 रुपए आईआईएम इंदौर इंस्टीट्यूट के खाते में रिलीज कर दी थी। उनके पास 7 अप्रैल को बैंक मैनेजर का फोन आया। मैनेजर ने बताया कि जब स्टांप पेपर का क्यूआर कोड स्कैन किया गया, ताे स्टांप कुणाल कुमार के नाम से नहीं मिला। एक स्टांप पेपर वार्ड-10 हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी की बबीता देवी के नाम से, जबकि दूसरा स्टांप पेपर ठोल (कुरुक्षेत्र) के रोहित कुमार के नाम से जनरेट किया गया है। जो स्टांप पेपर जारी किए गए वह एक ही कोड के हैं।

खजांची ने कहा एक ही स्टांप जारी हुआ
एसडीएम की जांच में ट्रेजरी ऑफिस के खजांची शाम लाल ने बताया कि उनके रिकाॅर्ड में बबीता और रोहित कुमार के नाम से स्टांप पेपर जारी किए गए हैं। कुणाल के नाम से पोर्टल से कोई भी स्टांप पेपर जारी नहीं किया गया।

  • स्टांप वेंडर को जांच के लिए बुलाया गया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हो रहे। अब उन्हें अंतिम नोटिस दिया है। अगर जांच में शामिल नहीं होते तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसी को लिख दिया जाएगा-हितेष मीणा, एसडीएम, अम्बाला सिटी
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