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पुलिस कार्रवाई:इंजीनियर की कार काे रेंज राेवर से टक्कर मारने वाली युवती ने पी रखी थी शराब, गैर इरादतन हत्या का केस, जेल भेजी

अम्बालाएक महीने पहले
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युवती को मेडिकल के लिए लेकर आई पुलिस। - Money Bhaskar
युवती को मेडिकल के लिए लेकर आई पुलिस।

आराेपी वरियता की साथी काे जांच में शामिल किया
माेहड़ा अनाज मंडी के सामने जीटी राेड पर शनिवार काे साॅफ्टवेयर इंजीनियर माेहित शर्मा की कार काे रेंज राेवर से टक्कर मारने वाली पानीपत के हुडा सेक्टर-12 के फेस-2 निवासी वरियता जागलान व उसकी साथी पानीपत निवासी श्रेया ने शराब पी हुई थी। ये खुलासा दाेनाें युवतियाें की एमएलआर में हुआ है। इसकी पुष्टि डीएसपी राम कुमार ने की। मोहड़ा चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या, ड्रंक एंड ड्राइव समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी वरियता काे अदालत में पेश कर अम्बाला सेंट्रल जेल भेज दिया, वहीं श्रेया काे जांच में शामिल किया है।

बता दें कि शनिवार को मोहड़ा में अनाज मंडी के सामने हिमाचल नंबर की ब्रियो कार काे पीछे से तेज रफ्तार रेंज रोवर कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में हिमाचल के पालमपुर के गांव राजपुर निवासी साॅफ्टवेयर इंजीनियर करीब 35 वर्षीय मोहित शर्मा की माैत हाे गई थी और उनकी पत्नी दिप्ती, 8 साल की बेटी आरोही व 9 महीने की बेटी आश्मी घायल हुए थे। घायल दिप्ती व बच्चियों को अस्पताल से छुट्‌टी कर पालमपुर भेज दिया है। माेहित की एक बहन है जो शादीशुदा है।

इंजीनियर की ब्रियो
इंजीनियर की ब्रियो

आरोपी वरियता कुछ समय पहले अमेरिका में रहती थी

मोहड़ा चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी वरियता कुछ समय पहले अमेरिका में रहती थी। फिलहाल पानीपत में ही थी। वरियता के पिता पानीपत में प्राइवेट वेटरनरी डॉक्टर हैं। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले मोहित शर्मा के साढू जीरकपुर निवासी नरेंद्र शर्मा का कहना है कि वह अभी तक पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को मोहित का अंतिम संस्कार पालमपुर में किया गया।

इंजीनियर मोहित शर्मा का पालमपुर में हुआ अंतिम संस्कार, घायल पत्नी और बेटियों को अस्पताल से छुट्‌टी मिली

जो धाराएं लगाई उनमें उम्रकैद तक की सजा संभव

भादंसं-304 : गैर इरादतन हत्या

337 : उतवालेपन से कोई काम करना, जिससे दूसरा खतरे में पड़ जाए।

279 : असुरक्षित वाहन चलाकर दूसरे के जीवन को खतरे में डालना।

294 : अशिष्ट शब्दों का प्रयोग करना।

332 : लोकसेवक को धमकाने।

353 : लोकसेवक में भय पैदा करने के लिए हमला करना।

मोटर व्हीकल एक्ट 184 व 185: खतरनाक तरीके से वाहन चलाना और नशे में वाहन चलाना (ड्रंक एंड ड्राइव)।

  • यदि कोर्ट में साबित होता है कि आरोपी ने जानबूझकर अपराध किया तो भारतीय दंड संहिता की धारा 304 में उम्रकैद की सजा तक हो सकती है। यदि अपराध जानबूझकर नहीं किया गया तो 10 साल तक की सजा हो सकती है। अपराध साबित होने पर कम से कम 2 साल की सजा का प्रावधान है। -एडवोकेट रोहित जैन
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