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एडजस्टमेंट से चल रहे सरकारी स्कूल:एक टीचर काे पढ़ाने पड़ रहे 5 कक्षाओं के 18 विषय

अम्बालाएक महीने पहले
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राजकीय प्राथमिक स्कूल रवालाें में सभी कक्षाओं  काे एक साथ पढ़ाते टीचर। एक कक्षा के बच्चे बरामदे में तो दूसरी कक्षा के बच्चे कमरे में। - Money Bhaskar
राजकीय प्राथमिक स्कूल रवालाें में सभी कक्षाओं काे एक साथ पढ़ाते टीचर। एक कक्षा के बच्चे बरामदे में तो दूसरी कक्षा के बच्चे कमरे में।

2021 में जिले से 185 जेबीटी की इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर हाेने राजकीय प्राथमिक स्कूलाें में टीचर्स का संकट हाे गया है। सीआरसी हेड ने अपने स्तर पर खाली पड़े स्कूलाें में दूसरे स्कूलाें से टीचर्स काे एडजस्ट किया है। अब हालात ऐसे हैं कि जहां पहले 5 कक्षाओं के विद्यार्थियाें काे 2 से 3 टीचर पढ़ाते थे, वहां अब एक ही टीचर 5 कक्षाओं के विद्यार्थियाें काे पढ़ा रहे हैं। पहली व दूसरी में 3-3 विषय और तीसरी, चाैथी व पांचवीं में 4-4 विषय हैं।

एक टीचर काे 18 विषय बच्चाें काे पढ़ाने पड़ रहे हैं। जिससे टीचर का वर्कलाेड बढ़ा ही है, साथ में विद्यार्थियाें के लिए भी परेशानी खड़ी हाे गई है। बच्चाें की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। दैनिक भास्कर ने 5 राजकीय प्राथमिक स्कूलाें में जाकर ग्राउंड रिपाेर्ट की, जहां एक ही टीचर बच्चाें काे पढ़ाते नजर आए।

जीपीएस रवालों... एक क्लास बरामदे में तो दूसरी कमरे में
पिछले साल स्कूल से एक टीचर की इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर हाे गई थी। इसके बाद स्कूल में एक ही रेगुलर टीचर विद्यार्थियाें काे पढ़ा रहे हैं। टीचर एक कक्षा काे पढ़ाते हैं ताे दूसरी कक्षा के बच्चे शाेर मचाते हैं। दूसरी कक्षा काे पढ़ाते हैं ताे तीसरी कक्षा के बच्चे शाेर मचाते हैं। ऐसी स्थिति में टीचर आधे बच्चाें काे बरामदे में बिठाकर पढ़ाते नजर आए, जबकि बाकी की कक्षाओं के बच्चाें काे सामने कमरे में बिठाकर पढ़ा रहे थे। स्कूल में करीब 30 बच्चे हैं।

जीपीएस लदाना... रेगुलर टीचर नहीं, सभी कक्षाएं एक कमरे में
इस स्कूल में पहली से पांचवीं में करीब 29 बच्चे हैं। यहां जीपीएस गाेबिंदगढ़ से टीचर एडजस्ट किए गए हैं। स्कूल में रेगुलर टीचर इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर में चले गए थे। उनके बाद स्कूल में काेई रेगुलर टीचर नहीं आया। यहां सभी टीचर बच्चाें काे एक कक्षा में बैठाकर पढ़ाते दिखे।

जीपीएस बेगाेमाजरा: यहां दाे टीचर थे। एक टीचर रेगुलर है, जाे अभी स्कूल में पढ़ा रहे हैं, जबकि दूसरे गेस्ट टीचर हैं। उनकाे मिर्जापुर स्कूल में एडजस्ट किया है। बेगाेमाजरा स्कूल में पहली से पांचवीं तक एक कमरे में सभी कक्षाएं लगाई गई थी। स्कूल में 17 बच्चे हैं।

जीपीएस गाेबिंदगढ़: यहां दाे रेगुलर टीचर थे। अब एक रह गए हैं, जबकि एक टीचर जीपीएस लदाना में एडजस्ट किए गए हैं। स्कूल में 11 बच्चे हैं। यहां एक ही टीचर बच्चाें काे पढ़ाते नजर आए।

टीचर पर वर्कलाेड बढ़ा, छात्रों की शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
प्राथमिक स्कूलाें में टीचर बच्चाें काे पढ़ाने व ऑफिस में क्लेरिकल कार्य भी खुद करते हैं। अगर काेई डाक आ जाए ताे पुराना रिकाॅर्ड देखकर देने में ही एक से दाे घंटे लग जाते हैं। बीएलओ कार्य भी टीचर देखते हैं। इसके अलावा उडान, एफएलएम व स्कूलाें के रखरखाव, बैंक संबंधित कार्य व ऑफिस मीटिंग भी अटेंड करते हैं। बच्चाें काे 18 सब्जेक्ट पढ़ाने पड़ रहे हैं। जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है और स्टाफ की कमी से टीचर्स काे वर्कलाेड बढ़ गया है।

मिर्जापुर स्कूल में दाे टीचर थे। दाेनाें इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर में चले गए। इसके बाद स्कूल में काेई रेगुलर टीचर नहीं आया। बेगाेमाजरा स्कूल से गेस्ट टीचर काे यहां एडजस्ट किया गया है। स्कूल में करीब 18 बच्चे हैं। यहां भी रेगुलर टीचर आने का इंतजार है। स्कूल में टीचर बच्चाें से घिरी दिखीं। पहली से पांचवीं के कई बच्चाें टीचर से काॅपी चेक करवाते नजर आए।

रेगुलर टीचर न हाेने से दाखिले भी नहीं
​​​​​​​कई प्राथमिक स्कूलाें में नए दाखिले न हाेने की समस्या सामने आ रही है। जाे रेगुलर टीचर दूसरे स्कूलाें में एडजस्ट किए गए हैं, उन स्कूल में रेगुलर टीचर की एमआईएस आईडी ताे खुल रही है, मगर वहां फ्रेश एडमिशन का ऑप्शन नहीं आ रहा। अगर रेगुलर टीचर (जिस स्कूल में वह एडजस्ट किए गए हैं) वहां बच्चाें का दाखिला करता है ताे उस बच्चे का दाखिला वहीं शाे हाेगा, जहां वह रेगुलर है यानि जिस स्कूल में वह पहले पढ़ा रहे थे। अब ऐसे में टीचर काे मैनुअल रजिस्टर में दाखिले करने पड़ रहे हैं। कई जगह परिवार पहचान पत्र न बनने से भी स्कूल में बच्चाें के दाखिले नहीं हाे पा रहे।

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