पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आत्मसमर्पण:154 की शहादत की जिम्मेदार 2 नक्सलियों का सरेंडर

सुकमा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सरेंडर महिला नक्सलियों के साथ सीआरपीएफ डीआईजी व एसपी। - Money Bhaskar
सरेंडर महिला नक्सलियों के साथ सीआरपीएफ डीआईजी व एसपी।

8 लाख की इनामी रनिता उर्फ कोसी व 1 लाख की इनामी मड़कम पोज्जे ने शुक्रवार शाम 4.30 बजे नक्सल सेल कार्यालय में सीआरपीएफ डीआईजी योज्ञान सिंह व एसपी सुनील शर्मा के सामने बिना हथियार के आत्मसमर्पण कर दिया।

एसपी ने बताया कि रनिता उर्फ कोसी माओवादियों के माड़ डिवीजन में सक्रिय मिलिट्री बटालियन एक के प्लाटून नंबर 2 में सेक्शन ए की कमांडर व पोज्जे किस्टाराम एरिया कमेटी के पालाचलमा एलओएस में बतौर सदस्य सक्रिय रही। दोनों सरेंडर नक्सली को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया।

भेजी व बुरकापाल हमले में 27 जवान घायल हुए थे

एसपी ने बताया कि माअोवादी संगठन में पालाचलमा एलओएस सदस्य के रुप में सक्रिय रही पोज्जे साल 2009 में बतौर एरिया कृषि शाखा सदस्य नक्सलियों से जुड़ी। साल 2011 में एलओएस सदस्य बनाए जाने के बाद से पोज्जी थ्री नॉट थ्री व 12 बोर बंदूक लेकर काम कर रही थी।

साल 2013 में मिनपा में फोर्स के अस्थायी कैंप पर फायरिंग के अलावा भेजी नक्सली हमला जिसमें 12 जवान शहीद हुए थे व बुरकापाल नक्सली हमला जिसमें 25 जवानों की शहादत हुई थी इन दोनों बड़ी नक्सली वारदात में पोज्जे की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

रनिता की वारदातों में 127 जवान हुए थे शहीद

नक्सली रनिता उर्फ कोसी 7 बड़े नक्सली हमले के अलावा दंतेवाड़ा, नारायणपुर व ओडिशा में घटित अन्य 16 नक्सली वारदात की आरोपी है। 7 बड़े नक्सली हमले में 112 जवानों ने शहादत दी है। 2007 हुए भट्‌टीगुड़ा व सिंदूरगुड़ा नक्सली हमले में 12 जवान शहीद, इसी साल ताड़मेटला तिराहे पर हुए 12 जवान शहीद, 2008 में पामेड़ इलाके के तोेनगुडेम में 13 जवान शहीद, 2 009 में किस्टाराम हेलीपेड फायरिंग में 1 जवान शहीद, साल 2010 में ताड़मेटला नक्सली हमले में 76 जवान शहीद व भेजी के पास साल 2011 में हुए हमले में 3 जवान शहीद हुए थे।

खबरें और भी हैं...