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जनरेटर खरीदी पर भुगतान:मातृ-शिशु अस्पताल शुरू हुआ नहीं और हो गया ~30 लाख का घोटाला

पखांजूरएक महीने पहले
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पखांजूर। अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज हाेने के बाद ठेकेदार ने अस्पताल में लगाया जनरेटर। - Money Bhaskar
पखांजूर। अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज हाेने के बाद ठेकेदार ने अस्पताल में लगाया जनरेटर।
  • सहायक अभियंता पर एफआईआर दर्ज

पखांजूर का 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल अभी शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन उसके नाम से घोटाले शुरू हो गए हैं। साल भर पहले निर्मित अस्पताल में 30.54 लाख रुपए के दो जनरेटर के नाम पर सरकारी राशि का आहरण कर लिया गया। जबकि अस्पताल में आज तक ये जनरेटर पहुंचे ही नहीं है।

इसका खुलासा तब हुआ जब नए अधिकारियों ने चार्ज लिया और मौके पर जाकर भवनों व सामानों को भाैतिक सत्यापन किया। जिस पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड बस्तर के तत्कालिन सहायक अभियंता के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पखांजूर में 50 बिस्तर वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल का 7 करोड़ रूपए की लागत से निर्माण कराया गया है। इसके निर्माण को एक साल हो चुका है लेकिन अबतक अस्पताल की सेवाएं शुरू नहीं की गई है। और अस्पताल में भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो गया। अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी तत्कालिन सहायक अभियंता आकाश साहू पर थी।

जो प्रभारी सहायक अभियंता होने के साथ साथ प्रभारी कार्यपालन अभियंता के पद भी पदस्थ थे। इस दौरान आकाश साहू द्वारा पखांजूर के 50 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण में फर्जीवाड़ा करते गंभीर आर्थिक अनिमितताएं की गई। जिसमें निमार्ण कार्य का कार्यादेश मेसर्स शंकरा इंटरप्राईसेस शंकरा निलयम कवर्धा जिला काबीरधाम को 5 अप्रैल 2017 को जारी किया गया।

साहू ने वर्तमान प्रभारी कार्यपालक अभियंता एआर जाटव को प्रभार देने के बाद भी पद में न रहते हुए भी पिछले तारीख में फर्जी मूल्यांकन करते हुए फाइल को आगे बढ़ाकर ठेकेदार को भुगतान करा दिया। इसमें 125 किलोवाट का एक नग जनरेटर 1230771 एवं 200 किलोवाट का एक नग जनरेटर 1823523 रुपए का खरीदना बताया गया।

जिसकी कुल कीमत 3054294 रूपए थी। जबकि ये जनरेटर सेट कार्य स्थल पर लगाए ही नहीं गए थे। लेकिन फर्जी बिल बना कर उसको हस्ताक्षर कर भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया। इसे अधीक्षण अभियंता सीजीएमएससी लिमि रायपुर ने चेक से 7अगस्त 2021 को भुगतान करवाया। इस तरह फर्जीवाड़ा कर 30.54 लाख रूपए का गबन किया गया।

आरोपी आकाश साहू प्रभारी सहायक अभियंता एवं तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया। पखांजूर थाना प्रभारी मोरध्वज देशमुख ने बताया कि अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अब ठेकेदार को बचाने में जुटा हुआ है विभाग

विभाग द्वारा फर्जी मूल्यांकन करने वाले अधिकारी पर तो मामला दर्ज कराया गया। लेकिन ठेकेदार जिसके खाते में रकम गई उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। जो कई तरह के संदेह को जन्म दे रहा है। इधर मामले का खुलासा होने के तत्काल बाद ठेकेदार द्वारा दो जनरेटर अस्पताल में भेज दिया गया। ऐसे में साफ है कि विभाग ठेकेदार को बचाने में लगा है।

जैसे निर्देश मिले वैसे ही की गई कार्रवाई

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के प्रभारी कार्यपालक अभियंता एआर जाटव ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा जो निर्देश प्राप्त हुए हैं उसके आधार पर आरोपी आकाश साहू पर ही मामला दर्ज कराया गया है।

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