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केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का नीट को लेकर निर्णय:स्टेट रैंक के आधार पर प्रदेश की 82 प्रतिशत सीटों पर दाखिले का विकल्प भी खुला रहेगा

रायपुर2 महीने पहले
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एक राज्य से दूसरे राज्य में ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी व ईडब्ल्यूएस छात्र कर पाएंगे आवेदन। - Money Bhaskar
एक राज्य से दूसरे राज्य में ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी व ईडब्ल्यूएस छात्र कर पाएंगे आवेदन।
  • नीट में इसी सत्र से सेंट्रल कोटे में ओबीसी को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण

मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे (एआईक्यू) की 15 प्रतिशत सीटों पर ओबीसी व ईडब्ल्यूएस का आरक्षण लागू करने के बाद अब इन छात्रों के पास एडमिशन के दो विकल्प रहेंगे। पहला यह ऑल इंडिया कोटे के आधार पर वे 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिला ले पाएंगे।

अगर ऑल इंडिया कोटे से एडमिशन नहीं मिला तो इनके पास स्टेट रैंक के आधार पर स्टेट की 82 प्रतिशत सीटों पर दाखिले का विकल्प भी खुला रहेगा। अब तक आरक्षण में शामिल नहीं होने के कारण ओबीसी के छात्रों को ऑल इंडिया कोटे के लिए कॉमन मेरिट लिस्ट में अच्छी रैंक लानी होती थी। वहीं अभी तक 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिले का लाभ ओबीसी वर्ग को नेशनल इंस्टीट्यूट्स और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में ही मिलता था।

ऐसे समझिए... दाखिले का गणित
पहले आरक्षण नहीं होने की स्थिति में किसी ओबीसी छात्र की रैंक पीछे होती तो वह दाखिला नहीं ले पाता था। अब 27 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद अगर उसकी रैंक पीछे है लेकिन वह मेडिकल कॉलेज की कट ऑफ को पीछे की रैंक पर भी पार कर रहा है तो उसे एआईक्यू में एडमिशन मिल जाएगा। यही नियम ईडब्ल्यूएस पर भी लागू होगा।

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