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घर में विसर्जन:घरों में विराजे 2 हजार से ज्यादा मिट्टी के गणेश का वहीं या मोहल्ले के अस्थायी कुंडों में विसर्जन

रायपुरएक महीने पहले
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डंगनिया स्थित दौलत स्टेट कॉलोनी में गणपति बप्पा का विसर्जन करते। - Money Bhaskar
डंगनिया स्थित दौलत स्टेट कॉलोनी में गणपति बप्पा का विसर्जन करते।
  • पानी में आसानी से घुली प्रतिमाएं, उनके भीतर रखे गए बीज भी लोगों ने मिट्टी के साथ गमलों में डाले, महाराष्ट्र की तर्ज पर घर-घर गणेश

अनंत चतुर्दशी पर रविवार को राजधानी में 2 हजार से ज्यादा लोगों ने अपने घरों में विराजी गणेशजी की मिट्टी की प्रतिमाओं का घरों या मोहल्ले में बने अस्थायी कुंड में विसर्जन किया। प्योर मिट्‌टी से बन रही प्रतिमाएं घर में विसर्जन के बाद पानी में आसानी से घुल गईं। प्रकृति प्रेमी कलाकारों ने प्रतिमाओं के भीतर पौधों के बीज भी डाले थे, जिन्हें लोगों ने गमलों में डाला और कुछ दिन में वे पौधों का रूप लेंगे।

पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा लोगों ने घरों या मोहल्लों में प्रतिमाएम विसर्जित की हैं। कुछ तालाबों के किनारे बड़े ड्रम रखे गए थे, घर की प्रतिमाओं का कई लोगों ने वहां भी विसर्जन किया। महाराष्ट्र की तर्ज पर अब राजधानी में भी घरों-घर श्रीगणेश की स्थापना होने लगी हैं। सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों के अलावा बड़ी संख्या में लोग घरों में मिट्‌टी की छोटी प्रतिमाएं स्थापित कर रहे हैं। विसर्जन के लिए उन्हें अब दूर जाने की भी जरूरत नहीं। घरों में ही कुंड बनाकर विधि-विधान के साथ विसर्जन किए जा रहे हैं। महामाया मंदिर के पंडित पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि शास्त्रों में श्री गणेश की छोटी प्रतिमाएं ही स्थापित करने का नियम हैं। इसलिए बड़ी प्रतिमाओं के साथ छोटी प्रतिमा की स्थापना होती है। इन छोटी प्रतिमाओं का घरों में प्लास्टिक के ड्रम, बर्तन या अन्य किसी पात्र में अस्थायी कुंड बनाकर विसर्जन किया जा सकता है।

इस बार गोबर के भी गणेश विराजे
राजधानी में इस बार मिट्‌टी के साथ गोबर के ईको-फ्रैंडरी गणेश की स्थापना की गई। शहर में इस साल गोबर से निर्मित 800 प्रतिमाएं तैयार की गईं और उनकी स्थापना की गई। प्रतिमाओं के बीच में फलों और सब्जियों के बीज भी डाले गए। विसर्जन के बाद इन्हें गमलों में रखने पर बीज और खाद डालने की जरूरत ही नहीं पड़ी। इन प्रतिमाओं में गोबर, मिट्‌टी और फल-सब्जियों के बीज थे। लिहाजा विसर्जन के बाद मिट्‌टी को सीधे गमले में डाला गया। समाज सेवी संस्था के प्रयास से ही गोकुल नगर स्थित निगम को गौठान में ये प्रतिमाएं तैयार की गईं।

इस बार गोबर के भी गणेश विराजे
राजधानी में इस बार मिट्‌टी के साथ गोबर के ईको-फ्रैंडरी गणेश की स्थापना की गई। शहर में इस साल गोबर से निर्मित 800 प्रतिमाएं तैयार की गईं और उनकी स्थापना की गई। प्रतिमाओं के बीच में फलों और सब्जियों के बीज भी डाले गए। विसर्जन के बाद इन्हें गमलों में रखने पर बीज और खाद डालने की जरूरत ही नहीं पड़ी। इन प्रतिमाओं में गोबर, मिट्‌टी और फल-सब्जियों के बीज थे। लिहाजा विसर्जन के बाद मिट्‌टी को सीधे गमले में डाला गया। समाज सेवी संस्था के प्रयास से ही गोकुल नगर स्थित निगम को गौठान में ये प्रतिमाएं तैयार की गईं।

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