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प्रदेश में 3 दिन की वर्षा से छोटे बांध छलके:मध्य-उत्तरी इलाके में भारी बारिश के आसार, मानसून के कई सिस्टम के असर से आई भारी नमी

रायपुर2 महीने पहले
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प्रदेश के बड़े हिस्से में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश तथा झड़ी का असर यह हुआ है कि छोटे बांध छलकने लगे हैं। गुरुवार को सुबह तक प्रदेश के चार बांध 100 फीसदी भर गए और छलकने लगे। बड़े बांधों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मजबूत सिस्टम के आधार पर मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन यानी 2 अगस्त तक कई जगह भारी वर्षा की संभावना जताई है।

राज्य में अच्छी बारिश का दौर भी शुरू हो गया है। जुलाई के पहले तीन सप्ताह तक राज्यभर में कम बारिश के कारण कृषि इत्यादि पिछड़ने लगे थे। वक्त रहते बारिश शुरू हो गई। अच्छी बात यह है कि जो सिस्टम बन रहे हैं उससे 2 अगस्त तक भारी से अतिभारी बारिश होगी। राज्य में 1 जून से 29 जुलाई तक 546.2 मिमी वर्षा हो चुकी है। जबकि इस दौरान बारिश का औसत 544.6 मिमी है। यानी राज्य में अब तक औसत के बराबर बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में काफी ज्यादा बारिश हो गई है।

22 से 28 जुलाई तक सप्ताहभर में 110.3 मिमी वर्षा हुई है। यह औसत से 27 फीसदी ज्यादा है। जबकि इससे पहले 1 से 22 जुलाई तक डेढ़ सौ मिमी के आसपास वर्षा थी, जो औसत से 25 फीसदी के आसपास कम थी। यानी पिछले सप्ताहभर में हुई अच्छी बारिश ने जुलाई में वर्षा की कमी पूरी कर दी है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से राज्य में बर्षा की मात्रा बढ़ जाएगी।

दो डैम छलके, दो और भरे
लगातार बारिश से गुरुवार को सुबह ही मनियारी (कोरबा) और झुमका बांध छलक गए हैं, जबकि शाम तक बिलासपुर में खारंग (खूंटाघाट) और कवर्धा में सरोधा दादर भी पूरी क्षमता से भर गए। बीते 24 घंटे में मनियारी के जलग्रहण क्षेत्र में 2 मिमी बारिश हुई है। डैम में 147.72 लाख घन मीटर पानी इकट्‌ठा हाे चुका है। दूसरी तरफ, खूंटाघाट डैम की क्षमता 192.32 लाख घन मीटर है और यहां 29 जुलाई तक 191.16 लाख घनमीटर पानी इकट्ठा हुआ है।

दो साल पहले आधे ही भरे थे ये डैम
आज जो डैम छलक रहे हैं, वे दो साल पहले आधे भी नहीं भरे थे। 2019 में मनियारी में जहां केवल 46 फीसदी पानी था। वहीं, खूंटाघाट (बिलासपुर) में 27 फीसदी, सरोदा दादर (कवर्धा) में 30 फीसदी, क्षीरपानी (कवर्धा) में 37 फीसदी और मिनीमाता बांगो में 52 फीसदी पानी था। केवल कोरिया जिले का झुमका और सरगुजा जिले का श्याम डैम ही आज भी दो साल पहले की स्थिति में है।

4 सिस्टम का असर
लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार तटीय बांग्लादेश और उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र है। साथ ही ऊपरी वायु का चक्रवात भी करीब 6 किमी ऊंचाई पर है। ऊपरी हवा का चक्रवात पूर्वी उत्तरप्रदेश के ऊपर डेढ़ से साढ़े चार किमी ऊंचाई तक है। इन सिस्टम के कारण 30 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर वर्षा होगी। कुछ जगह भारी वर्षा तथा कहीं-कहीं अतिभारी बारिश भी संभव है। मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ भारी वर्षा का केंद्र होंगे।

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