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फिल्माें से आजादी के इतिहास का सबक:छत्तीसगढ़ में 11वीं-12वीं के स्टूडेंट्स को "गांधी' फिल्म दिखाएगी सरकार, थिएटर में एक शो चलवाने की तैयारी

रायपुर6 महीने पहले
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महात्मा गांधी के जीवन पर बनी इस फिल्म को विश्व सिनेमा के सर्वकालिक फिल्मों में गिना जाता है। - Money Bhaskar
महात्मा गांधी के जीवन पर बनी इस फिल्म को विश्व सिनेमा के सर्वकालिक फिल्मों में गिना जाता है।

छत्तीसगढ़ में सरकार फिल्मों के जरिए आजादी का इतिहास पढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए रिचर्ड एटनबरो की फिल्म "गांधी' को चुना गया है। स्कूल शिक्षा विभाग कम से कम 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को थिएटर में ले जाकर यह फिल्म दिखाने वाला है। जहां नजदीक में थिएटर उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर के जरिए यह फिल्म दिखाई जाएगी।

यह आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित हमर तिरंगा अभियान के तहत हो रहा है। स्कूलों में यह 20 से 30 अगस्त के बीच मनाया जाएगा। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी कलेक्टरों, जिला शिक्षा अधिकारियों और मिशन समन्वयकों को इसके विस्तृत दिशानिर्देश भेजे हैं। इसके मुताबिक ‘हमर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों में प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के साथ-साथ 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को नजदीकी थियेटर अथवा स्मार्ट कक्षाओं में ‘गांधी' फिल्म दिखाई जाएगी। इसे संबंध में कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है, जिले में उपलब्ध सिनेमा हाल से संपर्क कर शासन की ओर से 20 से 30 अगस्त 2022 तक प्रतिदिन स्कूल अवधि के दौरान किसी उचित समय का निर्धारण कर एक शो दिखाया जाना सुनश्चित कराएं।

यह फिल्म बच्चों को नि:शुल्क दिखाई जानी है। जिले में उपलब्ध थियेटर जहां इन शो का प्रदर्शन किया जा सके एवं उनके आस-पास के स्कूलों को मैपिंग करते हुए थियेटर में बैठक क्षमता के आधार पर रोस्टर तय होगा। स्कूलों को उनके विद्यार्थियों को शो के लिए समय पर लाने की व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया जाएगा। निर्देशों में कहा गया है, रोस्टर इस प्रकार से बनाए जाएं कि अधिकतम बच्चों को इस फिल्म को देखने का अवसर मिल सके। बच्चों को निर्धारित तिथि में फिल्म दिखाने लेकर जाने के संबंध में पालकों को सूचित करने के साथ-साथ उनसे सहमति भी लेनी है। बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएं। जिन स्कूलों के आसपास थियेटर नहीं है वहां के बच्चों को यदि उस शाला में स्मार्ट कक्षाएं उपलब्ध है या अन्य संसाधनों से प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से फिल्म दिखाए जाने की सुविधा सुलभ हो तो उसका उपयोग किया जा सकता है।

निजी स्कूलों की बसों का उपयोग होगा

स्कूल शिक्षा सचिव ने अपने निर्देश में कहा है, सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए साथ-साथ कुछ निजी स्कूलों को भी इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु आवश्यक सुविधा प्रदान किया जा सकता है। ट्विनिंग ऑफ स्कूल (Twinning of School) कार्यक्रम के अंतर्गत बड़े निजी स्कूलों में उपलब्ध बसों का उपयोग सरकारी स्कूल के बच्चों को थियेटर में लाने एवं निर्धारित समय पर उन्हें वापस छोड़ने के लिए किया जा सकता है।

आजादी का असली अर्थ समझाना ही मकसद

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन का कहना है, 15 अगस्त को देश की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे हो रहे हें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में ‘हमर तिरंगा’ के नाम से कार्यक्रम हो रहे हैं। इसमें जन समुदाय के साथ मिलकर सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्य रूप से जन-जन में देशभक्ति की भावना का प्रचार-प्रसार करना, शहीदों की गाथाएं जन-जन तक पहुंचाना एवं सभी नागरिकों में देश के प्रति समर्पित रहने की भावना विकसित करना है। वर्तमान सन्दर्भ में आजादी के असली अर्थ को समझाना है।

अब बात थोड़ी फिल्म गांधी के बारे में

मूल रूप से अंग्रेजी में बनी "गांधी' फिल्म को भारत और यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) की कंपनियों की साझेदारी में बनाया गया था। 1982 में प्रदर्शित इस फिल्म का निर्देशन प्रख्यात निर्देशक रिचर्ड एटनबरो ने किया। इसमें प्रख्यात ब्रिटिस अभिनेता बेन किंग्सले ने महात्मा गांधी की कालजयी भूमिका निभाई थी। इस फिल्म ने स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका का सबसे प्रमाणिक चित्रण किया है। इसकी वजह से इसे क्लासिक माना जाता है। इस फिल्म ने उस साल आठ अकादमी अवॉर्ड जीते। तीन अन्य में नामित रहा। सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म का गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीता। बाद में इस फिल्म को हिंदी सहित लगभग सभी भाषाओं में जारी किया गया।

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