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इंजीनियरिंग स्टूडेंट की मौत बनी रहस्य:गर्लफ्रेंड पर घरवालों को शक,पिता बोले-जब मेरे बेटे की मौत हुई वो लड़की साथ थी, SIT जांच की मांग

रायपुर/भिलाई2 महीने पहले
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करीब 6 महीने पहले बेटे को खो चुका एक पिता रविवार को राजनांदगांव से रायपुर पहुंचा। प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर इस पिता ने पुलिस पर बेटे की मौत की जांच न करने, लापरवाही बरतने और असल गुनहगारों को पनाह देने का आरोप लगाया। दरअसल विरेंद्र साहू के बेटे अनुराग साहू की मौत 31 दिसंबर 2021 को भिलाई के ग्रीन वैली इलाके के फ्लैट में हो गई थी। पुलिस इसे अब तक आत्महत्या मान रही है। परिजनों का दावा है कि बेटे के दोस्तों ने मिलकर इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

अनुराग भिलाई में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक वो अपने दोस्त दुर्गेश के ग्रीन वैली स्थित फ्लैट में अपनी अपनी गर्लफ्रेंड आभा के साथ था। 31 दिसंबर को दोनों साथ थे, 1 जनवरी को परिजनों को अचानक अनुराग के मौत की खबर मिली। इस मामले की छानबीन स्मृति नगर थाने पुलिस की पुलिस कर रही है। परिजनों को आरोप है कि पोस्टमॉर्टम में अनुराग के सिर पर चोट का जिक्र है। मगर पुलिस इस केस को सुसाइड बताकर रफा-दफा कर रही है।

पिता बेटे की मौत मामले में प्रेस से मिलने पहुंचे।
पिता बेटे की मौत मामले में प्रेस से मिलने पहुंचे।

गर्लफ्रेंड पर शक
आभा और अनुराग पिछले कुछ वक्त से रिलेशन में थे। अनुराग के पिता विरेंद्र ने बताया कि वो दोनों फ्लैट में साथ थे। आभा ने मृतक अनुराग के भाई शिरिष को कॉल किया। बताया कि वो कमरे के बाहर है और अंदर अनुराग कॉल रिसिव नहीं कर रहा। कमरे को खोलकर अंदर देखा गया तो अनुराग का शव घुटनों के बल सीलिंग से बंधे फंदे पर लटका था।

अनुराग के भाई ने जब घर वालों को कॉल करना चाहा तो आभा ने रोक दिया। आभा ने अपनी बहन विभा, भाई साकेत को बुला लिया और खुद ही अनुराग को अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर्स ने अनुराग को मृत बताया। पिता का दावा है कि काफी देर तक आभा इस कोशिश में रही कि हमें ये बात पता न चले। अनुराग के फोन से कॉल हिस्ट्री और वॉट्सऐप के मैसेज डिलीट किए गए हैं। पिता को शक है कि ये सब आभा ने ही किया।

अब SIT गठित करने की मांग
अनुराग के पिता ने कहा कि जब उन्होंने बेटे के शव को देखा तो सिर पर चोट के निशान थे। मगर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज नहीं किया। स्मृति नगर पुलिस के जांच अधिकारी युवराज देशमुख ने घटना स्थल उस कमरे की जांच नहीं की, वहां दीवारों पर खून के धब्बे थे, न ही अनुराग के मोबाइल का लॉक खुलवाने का प्रयास किया गया, न ही अनुराग की प्रेमिका आभा चौधरी के भाई साकेत चौधरी और बहन विभा चौधरी का बयान दर्ज किया। इसलिए अब परिजन इन मामले में SIT गठित कर जांच की मांग कर रहे हैं। वो जानना चाहते हैं कि उस रात आखिर उनके बेटे के साथ हुआ क्या था।