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थाने में भाजपा नेताओं का बवाल:ट्रेन में बर्थ पर सामान रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद; हाथापाई की नौबत आई, फिर थाने में हो गया समझौता

रायपुरएक महीने पहले
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छगन मूंदड़ा और नेहा एक-दूसरे को पहचानते नहीं थे। इस वजह से झगड़ा बढ़ गया। - Money Bhaskar
छगन मूंदड़ा और नेहा एक-दूसरे को पहचानते नहीं थे। इस वजह से झगड़ा बढ़ गया।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व CSIDC अध्यक्ष छगन मूंदड़ा का अपनी ही पार्टी की महिला नेता के साथ विवाद हो गया। बात पुलिस तक पहुंच गई। थाने में कुछ देर हंगामा भी हुआ। इसके बाद सियासी किरकिरी से बचने के लिए दोनों नेताओं ने समझौता कर लिया। रायपुर के जीआरपी थाने के प्रभारी ने बताया कि सीट को लेकर दोनों झगड़ पड़े थे। भाजपा के दोनों नेता और उनके कुछ समर्थक थाने भी आए, मगर FIR दर्ज कराए बिना दोनों लौट गए।

तीर्थ यात्रा पर गए थे नेता जी

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छगन मूंदड़ा कुछ दिनों के लिए तीर्थ यात्रा पर गए थे। वे रविवार शाम अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस से लौट रहे थे। इसी ट्रेन से गरियाबंद की भाजपा नेता नेहा सिंघल भी लौट रही थीं। ट्रेन में दोनों के बीच बर्थ को लेकर जबरदस्त तू-तू मैं-मैं हो गई। झगड़ा इस कदर बढ़ा कि TC को दखल देना पड़ा। दोनों को रायपुर रेलवे स्टेशन पर ही उतरना था। ट्रेन में हुए हंगामे की वजह से पहले से ही पुलिस को सूचना दी गई थी, क्योंकि दोनों नेताओं ने रायपुर स्टेशन पर एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थीं। स्टेशन पर पहले से ही पुलिस तैनात थी। पुलिस के मुताबिक छगन मूंदड़ा जब ट्रेन से उतरे तो नेहा सिंघल के साथ इनका फिर से विवाद हुआ। थाने लाकर दोनों नेताओं काे शांत कराया गया। मीडिया में खबर न फैले इसलिए कुछ देर बाद दोनों नेता ने रेलवे स्टेशन से बिना किसी शिकायत के ही लौटने में भलाई समझी।

मुझे गालियां देने लगे तो बढ़ गई बात

छगन मूंदड़ा ने इस पूरे मामले पर दैनिक भास्कर को बताया कि हम सूरत से लौट रहे थे। मेरे साथ मेरी पत्नी थी। मैं अपनी सीट पर पहुंचा तो सामान रखने की जगह पर पहले से बैठे लोगों का काफी सामान रखा हुआ था। हमने जगह मांगी तो वो विवाद करने लगे। मुझे कह दिया कि जो पहले आया है वो ही सामान रखेगा। बहस करने वालों में एक महिला और उनके साथ कुछ पुरुष थे। मैं उन्हें नहीं जानता था। महिला के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने मुझसे पूछा कि आपको कहां जाना है, मैंने बताया हम रायपुर जा रहे हैं। तो वो पलटकर कहने लगा कि रायपुर शहर में हर कोई मुझे जानता है तुम मुझे नहीं जानते।

उसने कहा कि समझते क्या हो अपने आपको और इतना कहकर वो व्यक्ति मुझे गालियां देने लगा। मैंने विरोध किया तो रायपुर पहुंचकर देख लेने की धमकी देने लगा। मैंने भी कहा ठीक है। रायपुर पहुंचने से आधे घंटे पहले ही मुझे खबर मिली कि विवाद कर रही महिला नेहा सिंघल भाजपा की कार्यकर्ता हैं। गरियाबंद की नेता हैं। मैं स्टेशन पर उतरकर कुछ बात करता इससे पहले ही फिर उन लोगों ने स्टेशन पर विवाद शुरू कर दिया। झूमाझटकी भी हुई। पुलिस थाने पहुंचे तो नेहा सिंघल ने मुझसे पार्टी का नेता होने के नाते माफी मांगी। मैंने भी फिर कुछ नहीं कहा। मामला खत्म कर लौट आया।

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