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भास्कर पड़ताल:कोरोना के कुल मरीज 2086, इनमें कम ही गंभीर, फिर भी 1833 अस्पतालों में भर्ती

रायपुर2 महीने पहले
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  • फिलहाल 87.87 फीसदी मरीज अस्पतालों में, सिर्फ 63 वेंटीलेटर पर

प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस 2086 है। इनमें 1833 यानी 87.87 फीसदी मरीजों का इलाज सरकारी व निजी अस्पतालों में चल रहा है। ये आंकड़े राज्य सरकार की अधिकृत वेबसाइट से लिए गए हैं, जिसमें काेराेना मरीजाें के लिए बेड उपलब्धता की जानकारी है। जानकारों के मुताबिक अस्पताल में इलाज करवा रहे मरीजों के आंकड़े चौंकाने वाला है, क्योंकि अभी गंभीर केस कम आ रहे हैं और ज्यादा मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में 87 फीसदी से ज्यादा मरीजों का अस्पतालों में इलाज क्यों हो रहा है, इसकी पड़ताल करनी होगी।

प्रदेश में जुलाई के 29 दिनों में 81 मरीजों की मौत हुई है। यहां अप्रैल में पीक था, 16 अप्रैल को सबसे ज्यादा मरीज मिले थे, तब एक्टिव केस 1.30 लाख थे। तब सरकारी व निजी अस्पतालों में 21455 बेड उपलब्ध थे। इस समय ऑक्सीजन बेड, एचडीयू, आईसीयू व वेंटीलेटर फुल थे। पूरा बेड फुल भी मान ले तो उस समय 16.5 फीसदी मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा था, जो अभी से आधा ही है। इंटरनेशनल मानक के अनुसार 20 फीसदी मरीजों को हॉस्पिटलाइज करने की जरूरत पड़ती है। अधिकारियों का कहना हैं कि मरीज गंभीर होते हैं, जिसे ठीक होने में काफी समय लगता है। इसलिए अस्पताल में ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है।

सरकार की अधिकृत वेबसाइट के अनुसार गुरुवार की रात 10 बजे तक अस्पतालों के 33345 बेड में 1833 बेड फुल है। इसमें आइसोलेशन बेड में 878, ऑक्सीजन बेड में 721, एचडीयू में 56, आईसीयू में 115 व वेंटीलेटर पर 63 मरीजों का इलाज चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुल मरीजों में अस्पतालों में भर्ती होने वालों का इंटरनेशनल मानक ही 20 फीसदी है। छत्तीसगढ़ में इंटरनेशनल मानक से लगभग 4 गुना मरीज अस्पतालों में भर्ती है। जबकि अभी पीक ढलान पर है। यही नहीं अभी माइल्ड केस ज्यादा आ रहे हैं। गंभीर मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। रोज मौतों में आ रही गिरावट से इसकी पुष्टि होती है।

अप्रैल की तुलना में मौतों में 99%कमी
जुलाई के 27 दिनों में कोरोना से 78 मरीजों की जान गई है। रोज औसतन तीन मरीजों ने जान गंवाई है। अप्रैल में एक दिन में अधिकतम 279 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस हिसाब से पीक से मौतों की संख्या में 99% कमी आई है। जबकि तब 16 फीसदी मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा था।

रायपुर के अस्पतालों में 184 मरीजों का इलाज
राजधानी के 114 सरकारी व निजी अस्पतालों में सिर्फ 184 मरीजों का इलाज चल रहा है। रायपुर में एक्टिव केस 124 है। राजधानी के विभिन्न अस्पतालाें में 6617 बेड है। आइसोलेशन बेड पर 19, ऑक्सीजन बेड पर 108, एचडीयू में 05, आईसीयू में 29 व वेंटीलेटर पर 23 मरीजों का इलाज चल रहा है।

गंभीर मरीजों का इलाज लंबा चलता है इसलिए कम एक्टिव केस के बावजूद अस्पतालों में ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। साइट में दिखाई जा रही संख्या में वे मरीज भी हो सकते हैं, जिन्हें दूसरी बीमारी हो।
-डॉ. सुभाष मिश्रा, मीडिया प्रभारी स्टेट कोरोना सेल

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