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CG के उत्कृष्ट गौठानों की घोषणा:स्वतंत्रता दिवस पर केसरा, चटौद और डोंडे-हरनगढ़ गौठानों को पुरस्कार देंगे मुख्यमंत्री, गांवों में रोजगार का जरिया बनाया

रायपुर6 महीने पहले
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आरंग विकास खंड में चटौद की इस गोठान को उत्कृष्ट गौठान के तौर पर पुरस्कृत किया जाएगा। - Money Bhaskar
आरंग विकास खंड में चटौद की इस गोठान को उत्कृष्ट गौठान के तौर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के दिन पुरस्कृत होने के लिए उत्कृष्ट गौठानों की घोषणा हो गई है। सरकार ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड में संचालित केसरा गौठान, रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड में संचालित चटौद गौठान, कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा में संचालित डोंडे-हरनगढ़ गौठान को इसके लिए चुना है। कहा गया है कि इन गौठानों ने अपनी आर्थिक गतिविधियों से गांवों में रोजगार का मॉडल बनाया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में इन्हें पुरस्कृत करेंगे। आर्थिक गतिविधियों के कुशल संचालन एवं उत्कृष्ट कार्य के प्रदर्शन के लिए 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। गौठान समितियों को इसके लिए सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया, आरंग विकासखण्ड में संचालित चटौद गौठान के अध्यक्ष तिलक वर्मा हैं। चटौद गौठान समिति ने समूह के जरिए पशुपालकों से अब तक 5 हजार 500 क्विंटल गोबर खरीदा है। इससे 2 हजार 200 क्विंटल कम्पोस्ट तैयार कर बेचा गया है। इस गौठान में सीता महिला संगठन स्व-सहायता समूह ने मुर्गीपालन, मछलीपालन, बकरीपालन, बाड़ी विकास, मशरूम उत्पादन, पापड़, आचार, बड़ी आदि का उत्पादन शुरू किया है। सीता महिला समूह गौमूत्र खरीदी कर कीटनाशक निमास्त्र और ब्रम्हास्त्र भी बना रही है, जो जैविक खेती के लिए रसायनमुक्त कीटनाशक है। गौठान समिति ने अपनी गतिविधियों से अब तक 11 लाख 95 हजार रुपए से भी अधिक आय अर्जित की है। इस समिति ने केवल केचुआ बेंचकर कर 3 लाख 60 हजार रुपए की अतिरिक्त कमाई भी की है। आज यह गौठान अपनी गतिविधियों का खर्च खुद की कमाई से उठा रही है।

गौठान में बकरीपालन भी बड़े पैमाने पर जारी है।
गौठान में बकरीपालन भी बड़े पैमाने पर जारी है।

केसरा गौठान ने 100 से अधिक लावारिश मवेशियों को पाला है

दुर्ग जिले के पाटन विकास खंड स्थित केसरा गौठान समिति के अध्यक्ष कनक सोनी हैं। इनकी समिति ने स्व-सहायता समूह के जरिए पशुपालकों से 4 हजार 900 क्विंटल गोबर खरीदा है। उससे एक हजार 700 क्विंटल कम्पोस्ट तैयार कर विक्रय किया गया है। केसरा गौठान में महिला स्व-सहायता समूहों ने मुर्गीपालन, बकरीपालन, मछलीपालन, बाड़ी विकास एवं तेल पेराई मशीन जैसी गतिविधियां चला रखी हैं। जिनसे अब तक समूह ने 12 लाख रुपए से भी अधिक की आय अर्जित की है। केसरा गोठान समिति ने 100 से भी अधिक लावारिस पशुओं को आश्रय दिया है और उनकी देख-रेख भी कर रही है।

स्वावलंबी गौठान सब्जी-भाजी का उत्पादन कर भी कमाई कर रहे हैं।
स्वावलंबी गौठान सब्जी-भाजी का उत्पादन कर भी कमाई कर रहे हैं।

गौठान में मछली, मशरूप उत्पादन से की कमाई

कांकेर जिले के डोंडे-हरनगढ़ गौठान समिति के अध्यक्ष विष्णु साहू हैं। इस समिति ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से पशुपालकों से 6 हजार 200 क्विंटल गोबर की खरीदी की है। इस गोबर से 2 हजार 900 क्विंटल कम्पोस्ट तैयार किया है। गौठान में स्व-सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन, साग-सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, दीया निर्माण जैसी गतिविधियों से 6 लाख 48 हजार रुपए से अधिक की कमाई कर चुकी हैं। गोठान में वर्मी कम्पोस्ट विक्रय और गोबर खरीदी का काम लगातार जारी है।

छत्तीसगढ़ के गौठानों में भी कॉम्पिटिशन:राज्य के 3 सर्वश्रेष्ठ गौठानों को 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा; जिलों में तीन गौठानों को 25-25 हजार

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